बरेली: ₹10 हजार रिश्वत लेते कर्मचारी अरेस्ट
खनन विभाग का कर्मचारी ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सोमवार को बरेली में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। एंटी करप्शन टीम ने बरेली खनन विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महमूद को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से विकास भवन स्थित खनन कार्यालय और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।
📌 न्यूज़ हाइलाइट्स:
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ट्रैप ऑपरेशन: ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने और रिपोर्ट लगाने के नाम पर मांगी गई थी ₹10,000 की घूस।
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रंगे हाथ गिरफ्तारी: एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपी महमूद को दबोचा।
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गंभीर आरोप: शिकायतकर्ता ने जिला खनन अधिकारी की भूमिका पर भी उठाए सवाल, जांच शुरू।
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कानूनी कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ बरेली के थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज।

ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने का सौदा पड़ा भारी
पूरा मामला सीबीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले वेद प्रकाश से जुड़ा है। पीड़ित की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध खनन के संदेह में पकड़ा गया था। आरोप है कि वाहन को छोड़ने और मामले को रफा-दफा करने के एवज में खनन विभाग के कर्मचारी महमूद ने ₹10,000 की मांग की थी। परेशान होकर वेद प्रकाश ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन यूनिट) से की।
केमिकल लगे नोटों के जाल में फंसा आरोपी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप बिछाया। सोमवार को जैसे ही महमूद ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, सादे कपड़ों में तैनात टीम ने उसे घेर लिया। हाथ धुलवाए जाने पर आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण बना। टीम उसे तुरंत हिरासत में लेकर थाना कोतवाली ले गई।

जिला खनन अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता ने जिला खनन अधिकारी मनीष कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, अभी तक उच्चाधिकारियों की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं और साक्ष्य मिलने पर अन्य दोषियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश बताया है। गिरफ्तार कर्मचारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना के बाद से कलेक्ट्रेट परिसर और अन्य सरकारी दफ्तरों में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
रिपोर्टर: रोहिताश कुमार भास्कर (बरेली)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

