बरेली नाला हादसा: आज आएगी जांच रिपोर्ट
बरेली: सैटेलाइट नाला हादसे की जांच रिपोर्ट आज, क्या दोषियों पर गिरेगी गाज या फाइलों में दबेगा मामला? ⚖️🏗️
एक साल की अनदेखी ने ली ट्रक ड्राइवर की जान
बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर हरदोई के ट्रक ड्राइवर तौहीद की खुले नाले में गिरकर हुई मौत ने सिस्टम की ‘खतरनाक लापरवाही’ को उजागर कर दिया है। करीब 30 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तौहीद का शव मलबे से बरामद हुआ। इस मामले में अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी आज अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप सकती है।
जांच के घेरे में नगर निगम: मुख्य सवाल 📉
तौहीद की मौत महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता का नतीजा मानी जा रही है:
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खुला मौत का जाल: मई 2025 में नाले की सफाई के दौरान स्लैब टूटा था, जिसे एक साल बीतने के बाद भी ठीक नहीं किया गया।
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चेतावनी की अनदेखी: रोडवेज अफसरों द्वारा नगर निगम को बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद किसी ने सुध नहीं ली।
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कमजोर बैरियर: व्यस्त इलाके में लगाए गए बैरियर इतने असुरक्षित थे कि वे एक व्यक्ति का वजन तक नहीं सह सके।
हादसे के बाद भी ‘जान से खिलवाड़’ जारी ⚠️
हैरत की बात यह है कि इतनी बड़ी जानहानि के बाद भी विभाग की नींद नहीं टूटी है:
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बिना सुरक्षा कार्य: वर्तमान में सैटेलाइट पर बिना किसी पुख्ता बैरिकेडिंग के खुले नाले के ऊपर खड़े होकर लोहे के जाल और सरिए काटने का काम जारी है।
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नई मौत को दावत: नुकीले सरिए और सुरक्षा घेरे का अभाव किसी भी पल दूसरे बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
नगर आयुक्त का आश्वासन 👮♂️
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्वीकार किया है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही स्पष्ट है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि:
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रिपोर्ट के आधार पर उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित किया जाएगा जिनकी शिथिलता से यह हादसा हुआ।
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दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।

मुख्य जानकारी:
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पीड़ित: तौहीद (ट्रक ड्राइवर, हरदोई)।
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जांच समिति: अध्यक्ष अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय।
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लापरवाही की अवधि: मई 2025 से खुला पड़ा था नाला।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
