बरेली: अंबेडकर प्रतिमा पर बढ़ा विवाद
बरेली: अंबेडकर प्रतिमा पर बढ़ा विवाद, पैमाइश की मांग
नवाबगंज तहसील के ग्राम गंगापुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद ग्रामीण और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन तथ्यों को नजरअंदाज कर उन पर दबाव बना रहा है।
गाटा संख्या 50 बनाम 51 का पेंच
विवाद का मुख्य केंद्र भूमि का सीमांकन है।
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ग्रामीणों का दावा: ग्रामीण तारा चंद और अन्य निवासियों का कहना है कि प्रतिमा पिछले 20 वर्षों से गाटा संख्या 50 पर स्थापित है, जहाँ वे हर साल अंबेडकर जयंती मनाते हैं।
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अवैध कब्जे का आरोप: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 51 (देवस्थान की भूमि) पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने अवैध रूप से पशुशाला और शौचालय बना रखे हैं।
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प्रशासनिक रवैया: ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल निष्पक्ष पैमाइश की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी बिना पैमाइश किए प्रतिमा हटाने का दबाव बना रहे हैं।
प्रतिमा खंडित करने की घटना से बढ़ा रोष
विवाद उस समय और गहरा गया था जब 26 जून 2025 की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा को खंडित कर दिया था। इस मामले में छह आरोपी जेल भी भेजे गए थे, लेकिन तब से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
अधिवक्ता का पक्ष और हाईकोर्ट का निर्देश
मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जसवीर सिंह राणा ने बताया कि जनहित याचिका में गलत तथ्य पेश किए गए हैं।
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हाईकोर्ट का आदेश: माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने का निर्देश दिया था।
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समिति का गठन: जिला प्रशासन ने अब एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया है, जिसमें अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा।
क्या है ग्रामीणों की मांग?
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसील प्रशासन (एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल) मौके पर आकर निष्पक्ष पैमाइश नहीं करता और गाटा संख्या 51 से अवैध अतिक्रमण नहीं हटाता, तब तक यह विवाद खत्म नहीं होगा।
(बरेली: ब्यूरो रिपोर्ट) रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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