बरेली: 280 बसें लखनऊ भेजीं, यात्री बेहाल
बरेली: राष्ट्र प्रेरणा स्थल कार्यक्रम के कारण थमी लोकल बसों की रफ्तार, 280 बसें लखनऊ रवाना; यात्री हुए परेशान
बरेली: लखनऊ में आयोजित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के भव्य लोकार्पण कार्यक्रम का असर बरेली रीजन की परिवहन व्यवस्था पर देखने को मिला है। कार्यक्रम में भीड़ पहुँचाने के लिए बरेली रीजन से कुल 280 बसें हरदोई और लखीमपुर भेजी गईं, जिसके कारण स्थानीय रूटों पर बसों की भारी कमी हो गई।
इन डिपो की बसें रहीं प्रभावित
परिवहन निगम के इस फैसले से बरेली रीजन के चारों प्रमुख डिपो की सेवाओं पर असर पड़ा है:
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बरेली डिपो
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रुहेलखंड डिपो
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बदायूं डिपो
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पीलीभीत डिपो
इन डिपो की बसें मंगलवार शाम को ही रवाना कर दी गई थीं, जिस कारण बुधवार और गुरुवार को स्थानीय यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। रूटों पर स्थानीय बसों की जगह दूसरे डिपो की बसें अधिक नजर आईं।
शुक्रवार से सामान्य होगा संचालन
परिवहन निगम के अधिकारियों ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि गुरुवार रात से बसों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लखनऊ में कार्यक्रम के समापन के बाद चालक और परिचालक यात्रियों को उनके गंतव्य तक छोड़कर वापस डिपो लौट रहे हैं। शुक्रवार सुबह से सभी रूटों पर बसों का संचालन पहले की तरह सामान्य हो जाएगा।
शीतलहर के कारण मिली थोड़ी राहत
एआरएम रुहेलखंड डिपो, अरुण कुमार वाजपेई ने बताया कि बसों की कमी के बावजूद स्थिति नियंत्रण में रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही भीषण शीतलहर के कारण सड़कों पर यात्रियों की संख्या आम दिनों की तुलना में कम है, जिससे बसों की कमी का बहुत ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ा। देर रात तक अधिकांश बसें वापस लौट आएंगी और कल से रूट चार्ट के अनुसार चलेंगी।
लोकल रूटों पर बढ़ी परेशानी
भले ही यात्रियों की संख्या कम रही हो, लेकिन ग्रामीण और लोकल रूटों पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों के न मिलने से लोगों को डग्गामार वाहनों और निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा।
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