बरेली: पुलिस मुठभेड़ में 2 को लगी गोली
Bareilly Police Encounter: आधी रात को बारादरी में मुठभेड़, ‘वसीम गैंग’ के दो शातिर गो-तस्करों को लगी गोली; रिजवान उर्फ पिन्ना गिरफ्तार
बरेली | न्यूज़ डेस्क (सोनू कुमार): उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने गो-तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जारी रखते हुए बुधवार देर रात एक बड़ी सफलता हासिल की है। बारादरी पुलिस और गो-तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर अपराधियों के पैर में गोली लगी है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, उससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।
फाइक एन्क्लेव के पीछे रची गई थी ‘खूनी’ साजिश
बारादरी पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि फाइक एन्क्लेव के पीछे सूनसान इलाके में कुछ तस्कर गोवध की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने बिना समय गवाए घेराबंदी की। खुद को घिरता देख तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जो दोनों तस्करों के पैर में लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े।
वसीम जेल में, तो ‘पिन्ना’ ने संभाली गैंग की कमान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूफी टोला निवासी रिजवान उर्फ पिन्ना और कटीकुइयां निवासी जुनैद के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि:
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ये दोनों कुख्यात वसीम गैंग के सक्रिय सदस्य हैं।
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गैंग का सरगना वसीम फिलहाल जेल में है, इसलिए गैंग की पूरी जिम्मेदारी अब रिजवान उर्फ पिन्ना संभाल रहा था।
बेजुबानों को फंसाने का ‘खतरनाक’ तरीका
आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि वे आवारा गोवंश को रोटी का लालच देकर पास बुलाते थे। फिर उन्हें सूनसान जगह ले जाकर रस्सियों से बांध देते थे ताकि वे चिल्ला न सकें। इसके बाद वे गोवध कर मांस की सप्लाई करते थे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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हथियार: दो अवैध तमंचे और कारतूस।
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औजार: दो धारदार छुरियां और एक लकड़ी का गट्टा।
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अन्य: तीन रस्सियां और टॉर्च।
पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के बाद जेल भेज दिया है। बारादरी पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

