NIA की गिरफ्त में अमेरिकी ‘क्रांतिकारी’
सनसनीखेज: अमेरिकी ‘फ्रीडम फाइटर’ मैथ्यू वैनडाइक भारत में गिरफ्तार ⚖️
म्यांमार के विद्रोहियों को ड्रोन ट्रेनिंग देने का आरोप
खुद को अमेरिकी ‘फ्रीडम फाइटर’ और क्रांतिकारी कहने वाले 46 वर्षीय मैथ्यू वैनडाइक को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। वैनडाइक और उनके छह यूक्रेनी साथियों पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के मिजोरम के रास्ते म्यांमार की सीमा पार की और वहां सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को ‘ड्रोन वारफेयर’ का प्रशिक्षण दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब उनसे आतंकवाद से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर नाटकीय गिरफ्तारी ✈️
वैनडाइक की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह 12 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट से दुबई होते हुए पोलैंड की फ्लाइट पकड़ने ही वाले थे। उन्होंने इमिग्रेशन क्लियर कर लिया था और उनका सामान भी लोड हो चुका था, तभी इंटेलिजेंस अलर्ट के आधार पर उन्हें रोक लिया गया। अधिकारियों ने उनकी दिल्ली से लेकर मिजोरम और म्यांमार के चिन राज्य तक की पूरी मूवमेंट को ट्रेस किया है।
कौन है मैथ्यू वैनडाइक? कैमरा छोड़ उठाई बंदूक 🔫
बाल्टीमोर में जन्मे वैनडाइक का सफर 2011 के ‘अरब स्प्रिंग’ के दौरान लीबिया से शुरू हुआ था। वे वहां डॉक्यूमेंट्री बनाने गए थे, लेकिन गद्दाफी के खिलाफ विद्रोहियों के साथ मिलकर हथियार उठा लिए। इसके बाद उन्होंने सीरिया, इराक, वेनेजुएला और यूक्रेन जैसे दुनिया के कई युद्ध क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ (SOLI) नामक संगठन बनाया, जो विद्रोहियों को सैन्य रणनीति और हथियार चलाने की ट्रेनिंग देता है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता: ड्रोन तकनीक का खतरा 🛡️
जांच अधिकारियों के अनुसार, वैनडाइक ने म्यांमार के समूहों को एडवांस्ड ड्रोन असेंबली, डिप्लॉयमेंट और सिग्नल जेमिंग सिस्टम की प्री-शेड्यूल्ड ट्रेनिंग दी। भारत के लिए चिंता का विषय यह है कि उत्तर-पूर्वी सीमा (नॉर्थईस्ट) के पास इस तरह की आधुनिक युद्ध ट्रेनिंग भारतीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है।
UAPA के तहत कार्रवाई और कस्टडी 📂
मैथ्यू वैनडाइक और उनके साथियों पर अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने एनआईए को आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी सौंप दी है। हालांकि वैनडाइक का दावा है कि उनका संगठन पूरी तरह स्वतंत्र है और किसी सरकार का समर्थन नहीं लेता, लेकिन वैश्विक संघर्ष क्षेत्रों में उनके गहरे पदचिह्न उनकी भूमिका पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।
मुख्य आरोप:
-
अवैध घुसपैठ: बिना अनुमति मिजोरम-म्यांमार सीमा पार करना।
-
सैन्य प्रशिक्षण: विदेशी धरती पर सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देना।
-
राष्ट्रीय सुरक्षा: सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता पैदा करने की साजिश।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

