ईरान की 85% हवाई रक्षा प्रणाली तबाह
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध: 40 दिनों के संघर्ष का पूरा लेखा-जोखा
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों तक चला भीषण युद्ध बुधवार को सीजफायर (युद्धविराम) के साथ समाप्त हो गया। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष ने दोनों पक्षों को भारी क्षति पहुँचाई है।
ईरान का मिसाइल हमला
ईरानी सेना ने इजरायल पर अपनी मिसाइल शक्ति का बड़े पैमाने पर उपयोग किया:
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बैलिस्टिक मिसाइलें: ईरान ने इजरायल पर कुल 650 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
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क्लस्टर बम: इन मिसाइलों में से आधे से अधिक में क्लस्टर बम लगे थे, जो बड़े क्षेत्रों में अंधाधुंध विस्फोट करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे।
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हमलों का क्रम: युद्ध के पहले दिन लगभग 80 मिसाइलें दागी गईं, दूसरे दिन 60 और तीसरे दिन 30। इसके बाद सीजफायर होने तक प्रतिदिन औसतन 10-20 मिसाइलें दागी जाती रहीं।
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तबाही: कम से कम 16 पारंपरिक हथियार वाली मिसाइलें आबादी वाले क्षेत्रों में गिरीं। इसके अलावा, क्लस्टर बम वाली मिसाइलों के रिहाइशी इलाकों में गिरने की लगभग 50 घटनाएं दर्ज की गईं।
इजरायल की जवाबी कार्रवाई (IDF के आंकड़े)
इजरायली वायु सेना ने ईरानी सैन्य ढांचे को निशाना बनाने के लिए व्यापक हवाई अभियान चलाया:
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हवाई हमले: इजरायल ने ईरान पर 10,800 से अधिक अलग-अलग हवाई हमले किए।
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हथियारों का प्रयोग: 1,000 से अधिक हमलों की लहरों में लगभग 18,000 बम गिराए गए।
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निशाने पर लक्ष्य: इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल लॉन्चरों, हथियार उत्पादन स्थलों और सैन्य मुख्यालयों सहित कुल 4,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया।
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रक्षा प्रणालियों का विनाश: हमलों में ईरान की लगभग 85% हवाई रक्षा और पहचान प्रणालियाँ नष्ट हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, ईरान के 470 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों में से लगभग 60% को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया गया।
जान-माल का नुकसान
इस युद्ध ने मानवीय स्तर पर भी गहरा घाव दिया है:
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हताहत: ईरान के मिसाइल हमलों में कम से कम 20 इजरायली और विदेशी नागरिकों की जान गई, जबकि वेस्ट बैंक में चार फिलिस्तीनी भी मारे गए।
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घायल: इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध में 7,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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विस्थापन: मिसाइल हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान की वजह से 5,500 से अधिक इजरायली नागरिकों को अपना घर छोड़ना पड़ा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

