80 करोड़ का पर्यावरण घोटाला: ED सख्त
ED Action: शराब फैक्ट्री ने पाताल में घोला ‘जहर’, 80 करोड़ की काली कमाई पर ईडी का बड़ा एक्शन
जालंधर/फिरोजपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाने वाली कंपनी ‘मेसर्स मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड’ और इसके मालिक गौतम मल्होत्रा के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। ईडी ने जालंधर की विशेष पीएमएलए अदालत में 15 दिसंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट (अभियोजन शिकायत) दाखिल कर दी है।
पाताल तक पहुँचाया प्रदूषण: रिवर्स बोरिंग का ‘गंदा खेल’
जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फिरोजपुर के जीरा तहसील स्थित इस शराब फैक्ट्री ने रिवर्स बोरिंग के जरिए जहरीला और अनुपचारित औद्योगिक कचरा (Waste Water) सीधे जमीन के अंदर गहरे जलस्रोतों (Aquifers) में डाल दिया।
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गंभीर उल्लंघन: फैक्ट्री ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों को ताक पर रखकर आसपास की जमीन, नालियों और पास की एक चीनी मिल के पास भी दूषित पानी छोड़ा।
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80 करोड़ का मुनाफा: ईडी के अनुसार, जानबूझकर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर कंपनी ने अवैध तरीके से 80 करोड़ रुपये की अपराध आय (Proceeds of Crime) अर्जित की।
करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक निम्नलिखित जब्ती की है:
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79.93 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क: ईडी ने 13 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर कंपनी की जमीन, भवन, प्लांट और मशीनरी को कुर्क कर लिया है।
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लाखों की नकदी बरामद: इससे पहले जुलाई 2024 में की गई छापेमारी के दौरान 78.15 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई थी।
क्यों शुरू हुई ईडी की जांच?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के उल्लंघन के लिए कंपनी और गौतम मल्होत्रा के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की। ईडी ने इसी आधार पर धन शोधन (Money Laundering) की जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि कंपनी का पूरा संचालन ही आपराधिक गतिविधियों और प्रदूषण फैलाने पर आधारित था।
इस कार्रवाई से औद्योगिक इकाइयों को सख्त संदेश गया है कि पर्यावरण की कीमत पर की गई कमाई उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सकती है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
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