आकर्षण का केंद्र बनेगा गया संग्रहालय का पिंडदान आर्ट गैलरी

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संग्रहालय सह मगध सांस्कृतिक केंद्र में आकर्षण का केंद्र बनेगा पिंडदान आर्ट गैलरी. वैसे तो जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मिली प्राचीन दुलर्भ प्रतिमाएँ हैं, जिसमें प्रस्तर प्रतिमाएँ, बौद्ध प्रतिमाएँ, मृण्मूर्तियां, 6ठी शताब्दी से 12वीं शताब्दी के मुद्रा, चित्रकला, हस्तलेख, अस्त्र-सस्त्र सहित कई पुरातात्विक अवशेष यहाँ संरक्षित है. जिसे आम लोगों के लिए रखा गया है लेकिन पिंडदान आर्ट गैलरी के उद्घाटन हो जाने से फिर से एक बार गुलजार होगा गया संग्रहालय.

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पिंडदान आर्ट गैलरी को बनाने में यहाँ के कुशल कारीगरों और बाहर के कारीगरों द्वारा इसे पूरा करने में 1 साल का समय लगा है. इसमें पिंडदान के सभी विधानों और विधियों को स्टेज बाय स्टेज प्रदर्शित किया गया है. इसके साथ-साथ उसके बारे में लिखा गया है जिससे कभी भी कोई भी पिंडदान से जुड़ी सारी जानकारियों को प्राप्त कर सकते हैं.

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यहाँ के संग्रहालयध्यक्ष डॉ0 विनय कुमार ने बताया कि संग्रहालय का युवा कला संस्कृति विभाग के मंत्री के द्वारा उद्घाटन किया जाना है. उसके बाद यह आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि जितनी संख्या में यहाँ विज़िटर को आना चाहिए उतना नहीं आ पाते हैं. अब इंतजार है कि इस पिंडदान आर्ट गैलरी के उद्घाटन के बाद यहाँ आने और देखने वालों की संख्या में इजाफा होगा.

गौरतलब है कि 1885 में एक कमरे में जिला पुस्तकालय की स्थापना कर पब्लिक लाइब्रेरी म्यूजियम ट्रस्ट बना कर इसकी शुरुआत की गई थी. फिर 1952 में प्रस्तावित संग्रहालय का नाम गया संग्रहालय के अस्तित्व में आया. उसके बाद से संग्रहालय के प्रचार-प्रसार के अभाव में बहुत कम की संख्या में विज़िटर्स ही यहाँ आ पाते हैं. 27 दिसम्बर 2006 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तत्कालीन कला संस्कृति युवा विभाग के मंत्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी सहित मंत्रियो ने उद्घाटन किया था.

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