अब भारी भरकम बिजली के बिल से मिलेगी मुक्ति

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केंद्र सरकार ने पिछले साल 8 नवम्बर को पूरे देश में नोटबंदी लागू की थी और इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया था कि इससे देश में काले धन की समस्या से निजात मिलेगी साथ ही महंगाई पर भी लगाम लग जाएगी. इस फैसले को अब एक साल गुज़र चुका है लेकिन अब तक महंगाई में कोई फर्क नहीं आया है महंगाई जैसे पहले लोगों को सता रही थी ठीक वैसे ही अब तक लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है. लेकिन अब महंगाई पर प्रहार करने के लिए सरकार ने एक और योजना बनाई है जो अगर सफल हो जाती है तो आम आदमी को इससे काफी फायदा मिलेगा. बता दें बढ़ते हुए प्रदूषण और स्मॉग के कहर को देखते हुए सरकार अब लोगों के घर की छतों को किराए पर लेने की योजना बना रही है. अब आप सोंच रहे हैं कि किराए पर छत लेकर क्या होगा तो हम आपको बता दें कि सरकार लोगों से उनकी छत किराए पर लेगी और यहाँ पर सोलर पैनल लगाएगी और इससे बिजली बनाई जाएगी.  यह बताने में तो मामूली से बात लगती है लेकिन यह स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने का कारगर विकल्प है और अच्छी बात तो यह है कि इस योजना में आम इंसान को अपनी जेब से एक  रुपये खर्च करने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी. साथ ही सरकार लोगों से उनकी छत लेने पर उसके लिए पैसे भी देगी और 25 साल तक  बिजली भी देगी. अब तो आप खुद ही जान गये होंगे की ये योजना ऍम आदमी के हित में है और इससे देश की सबसे बड़ी समस्या यानि प्रदूषण से भी निजात मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा निर्माण की तरफ यह एक बड़ा कदम साबित होगा.प्रोजेक्ट इंजीनियर अंकुश अग्रवाल और मो. आमिर ने बताया कि सौर ऊर्जा का प्लांट तीन ग्रिड सिस्टम पर काम करता है। इंजीनियरिंग कॉलेज में लगाए जाने वाला प्लांट ऑनलाइन ग्रिड पर है। यह प्लांट सीधे बिजली ग्रिड से कनेक्ट रहता है। इसमें बैटरी नहीं होने के कारण पॉवर को सेव नहीं किया जा सकता है। लेकिन बिजली ग्रिड से जुड़े होने के कारण सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर दिया जाता है। जहां से घर, दफ्तर आदि को बिजली दी जा सकती है। जबकि ऑफलाइन ग्रिड में इसे बैटरियों में सेव कर रखा जा सकता है। जो बिजली ग्रिड में एक्सेस जाएगी, उसके बदले में बिजली कंपनी उतनी ही मात्रा में बिजली की वापस सप्लाई करेगी।

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