योगी ने लाभार्थियों से किया सीधा संवाद
अभिभावक की भूमिका में सीएम योगी: लाभार्थियों को दी आवास की सौगात, कहा- “पैसे का उपयोग घर और बच्चों की शिक्षा पर करें”
लखनऊ, 18 जनवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दो लाख से अधिक परिवारों के खातों में पहली किस्त भेजने के बाद लाभार्थियों से वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद किया । इस बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री का एक संवेदनशील और अभिभावक स्वरूप देखने को मिला, जहाँ उन्होंने न केवल लोगों को बधाई दी, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित भी किया ।
संवाद के मुख्य अंश: लाभार्थियों ने साझा की अपनी खुशी
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जुड़े लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए अपना आभार जताया:
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वाराणसी की माधुरी देवी: उन्होंने बताया कि कच्चे मकान से पक्के घर की ओर बढ़ते कदम से उनका परिवार बेहद खुश है । सीएम ने उनसे राशि का सदुपयोग करने और पीएम को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया ।
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अयोध्या की रमावती देवी: वर्षों पुरानी पक्के घर की इच्छा पूरी होने पर उन्होंने मोदी-योगी सरकार का शुक्रिया अदा किया ।
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लखीमपुर खीरी के हीरालाल (थारू समुदाय): उन्होंने थारू समुदाय को मिल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और समुदाय की ओर से धन्यवाद पत्र लिखने का वादा किया ।
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अलीगढ़ की पूनम चौधरी: उन्होंने शहरों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका वर्षों का सपना आज साकार हुआ है ।
मुख्यमंत्री की सलाह: केवल घर निर्माण और शिक्षा पर खर्च हो पैसा
एक अभिभावक की तरह समझाते हुए मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों से विशेष अपील की:
“आवास के लिए मिली इस राशि का उपयोग केवल घर के निर्माण में ही करें। साथ ही, अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और सरकार की अन्य योजनाओं का भी पूरा लाभ उठाएं।”
इन लाभार्थियों को मिले आवास स्वीकृति पत्र
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कई लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र (Sanction Letters) वितरित किए । इनमें शामिल प्रमुख नाम हैं:
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लखनऊ: आशा देवी, स्नेह तिवारी, मीरा व हसीबुन ।
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उन्नाव व सीतापुर: पिंकी राठौर और माया देवी ।
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रायबरेली, हरदोई व लखीमपुर: गीता पाल, राम बेटी और राम सहेली ।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक बना । सीएम की आत्मीयता ने इस तकनीकी कार्यक्रम को एक भावनात्मक मोड़ दे दिया

