UP Medical College: लापरवाही का वीडियो
Shahjahanpur Medical College: मानवता शर्मसार! जिंदा मरीज के बेड पर रख दिया शव; शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज का रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो वायरल
शाहजहांपुर | 2 अप्रैल, 2026
Introduction: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और संवेदनहीनता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में बेड की कमी का हवाला देते हुए एक मृत मरीज के शव को दूसरे पहले से भर्ती मरीज के बेड पर ही लिटा दिया गया। इस खौफनाक मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
खौफनाक मंजर: 15 मिनट तक ‘मौत’ के साथ लेटा रहा मरीज
जानकारी के मुताबिक, पड़ोसी जिले लखीमपुर से एक मरीज को बेहद गंभीर हालत में शाहजहांपुर ट्रामा सेंटर लाया गया था। अस्पताल में बेड खाली नहीं होने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों ने आनन-फानन में उस मरीज को एक ऐसे बेड पर लिटा दिया, जिस पर पहले से ही एक अन्य मरीज का इलाज चल रहा था।
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जांच में मिला मृत: डॉक्टरों ने जब मरीज की जांच की, तो पता चला कि उसकी सांसें पहले ही थम चुकी थीं।
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लापरवाही की इंतहा: मौत की पुष्टि होने के बावजूद शव काफी देर तक उसी बेड पर पड़ा रहा। बगल में लेटा हुआ जिंदा मरीज इस मंजर को देख सहम गया, जबकि स्वास्थ्यकर्मी दूसरे मरीजों को देखने में मशगूल रहे।
वीडियो वायरल: व्यवस्थाओं पर उठे तीखे सवाल
वार्ड में मौजूद किसी तीमारदार ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और इंटरनेट पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है:
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बेड मैनेजमेंट फेल: क्या एक मेडिकल कॉलेज में एक एक्स्ट्रा स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं थी कि शव को वहां रखा जा सके?
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संवेदनहीनता: एक बीमार व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर क्या बीती होगी, जिसे एक मृत देह के साथ बिस्तर साझा करना पड़ा?
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प्रोटोकॉल का उल्लंघन: मृत घोषित होने के तुरंत बाद प्रोटोकॉल के तहत शव को अलग क्यों नहीं किया गया?
जनता में भारी आक्रोश
इस घटना ने न केवल शाहजहांपुर बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रामा सेंटर जैसी जगह पर जहां जीवन बचाने की जंग चलती है, वहां इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन इस मामले में कुछ भी साफ कहने से बच रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया रिएक्शन: “यह सरकारी सिस्टम की मौत है। अगर बेड नहीं था तो क्या मानवता भी खत्म हो गई थी?”
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

