UGC Bill Row- सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 पर उठाए चार सवाल, जाति-आधारित भेदभाव पर मांगा जवाब।
नई दिल्ली,
यूजीसी (University Grants Commission) द्वारा लाए गए UGC Regulation 2026 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शीर्ष अदालत ने इन नियमों में मौजूद जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा, दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर चार अहम बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नए रेगुलेशन में भेदभाव की परिभाषा स्पष्ट नहीं है और इससे संवैधानिक समानता के सिद्धांत प्रभावित हो सकते हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या इन नियमों के जरिए कुछ वर्गों को अलग-अलग तरीके से परिभाषित करना समाज में पृथक्करण (Segregation) को बढ़ावा देगा।
अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जब 2012 के पुराने नियमों में कुछ प्रावधान शामिल थे, तो 2026 के नए रेगुलेशन में उन्हें क्यों हटाया गया। कोर्ट का मानना है कि अस्पष्ट नियमों से दुरुपयोग की आशंका पैदा हो सकती है।
इन तमाम सवालों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल UGC Regulation 2026 के अमल पर रोक लगाते हुए UGC को अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई में इन नियमों की संवैधानिक वैधता पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल, सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
