UCC का बरेली से विरोध: मौलाना रजवी
UCC का कड़ा विरोध: बरेली से उठी देशव्यापी आंदोलन की गूँज, मौलाना रजवी ने बताया शरीयत के खिलाफ ⚖️🚫
“शरीयत में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं”: मौलाना रजवी
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समान नागरिक संहिता (UCC) के खिलाफ बरेली से हुंकार भरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज इस कानून को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। मौलाना के अनुसार, गुजरात में UCC लागू करने की प्रक्रिया के दौरान जो बातें सामने आई हैं, वे सीधे तौर पर इस्लामिक शरीयत और मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप हैं।
प्रस्तावित प्रावधानों पर जताई गंभीर चिंता 📉
मौलाना रजवी ने दावा किया कि प्रस्तावित UCC के कई बिंदु धार्मिक स्वतंत्रता से टकराते हैं:
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निजी कानूनों में बदलाव: तलाक के अधिकार, हलाला, इद्दत और एक विवाह की बाध्यता जैसे मुद्दों पर उन्होंने आपत्ति जताई है।
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सरकारी लाभ से वंचित करने का डर: उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने पर सरकारी योजनाओं और लाभों से वंचित करने की बातें सामने आ रही हैं, जो सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
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जनसंख्या नियंत्रण: दो बच्चों की सीमा और विवाह से जुड़े नए नियमों को उन्होंने धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध बताया।
“UCC की कोई आवश्यकता नहीं” 🏛️
मौलाना ने देश की विविधता और मौजूदा कानूनों का हवाला देते हुए तर्क दिया:
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मौजूदा व्यवस्था: देश में दशकों से अलग-अलग समुदायों के लिए विवाह, संपत्ति और पारिवारिक मामलों के कानून सुचारू रूप से चल रहे हैं।
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विधि आयोग का हवाला: उन्होंने 21वें विधि आयोग की उस रिपोर्ट का जिक्र किया जिसमें UCC को गैर-जरूरी बताया गया था। उन्होंने 22वें विधि आयोग द्वारा इस पर दोबारा विचार करने को विरोधाभासी करार दिया।
अहमदाबाद में होगी उलेमाओं की बड़ी बैठक 🤝
आगामी रणनीति को लेकर मौलाना ने देशव्यापी विरोध की तैयारी शुरू कर दी है:
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रणनीति: जल्द ही अहमदाबाद में देशभर के उलेमा और मुस्लिम बुद्धिजीवियों की बैठक होगी।
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लोकतांत्रिक विरोध: मौलाना ने साफ किया कि विरोध पूरी तरह संवैधानिक और कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा।
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साझा मुद्दा: उन्होंने कहा कि यह केवल मुसलमानों का नहीं, बल्कि अन्य समुदायों की पहचान और परंपराओं से जुड़ा मुद्दा भी है।
मुख्य जानकारी:
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वक्ता: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात)।
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स्थान: बरेली (उत्तर प्रदेश)।
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मुख्य मांग: UCC को शरीयत के खिलाफ बताकर इसे वापस लेने की मांग।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

