TMC विधायकों के नाम भ्रम: शीर्षक विकल्प
😅 पहचान का संकट: TMC के दो विधायकों का एक ही नाम, पूर्व IPS हुमायूं कबीर दे रहे सफाई
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो विधायकों का नाम ‘हुमायूं कबीर’ होने के कारण इन दिनों एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक के कारण, पूर्व आईपीएस अधिकारी और दूसरे विधायक को लगातार सफाई देनी पड़ रही है।
🤷 भ्रम की जड़
| विधायक | पहचान |
| पहला हुमायूं कबीर | मुर्शिदाबाद के भरतपुर के विधायक। TMC से निलंबित। इन्होंने ही बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखने का कार्यक्रम आयोजित किया। |
| दूसरा हुमायूं कबीर | पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा से विधायक। पूर्व IPS अधिकारी। |
बाबरी मस्जिद के लिए दान अभियान चलाने वाले विधायक (भरतपुर) हुमायूं कबीर के कारण, पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर (डेबरा) को लोग लगातार फोन कर रहे हैं और ऑनलाइन आर्थिक मदद के लिए क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी मांग रहे हैं।
📱 दुबई से देवबंद तक आ रहे फोन
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डेबरा के विधायक हुमायूं कबीर ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्हें दुबई, उत्तर प्रदेश (खासकर देवबंद से), मध्य प्रदेश, मुंबई, हरियाणा और राजस्थान जैसे दूर-दराज के स्थानों से दो सौ से अधिक फोन आ चुके हैं।
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परेशान होकर, पूर्व आईपीएस हुमायूं कबीर को अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट करना पड़ा:
“वो हुमायूं मैं नहीं हुजूर, कोई और है, सियासत में जरूर साथ हैं।”
🕌 दान अभियान और विवाद
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भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा चलाए जा रहे बाबरी मस्जिद निर्माण अभियान के तहत अब तक करीब ढाई करोड़ रुपये का दान मिल चुका है।
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उन्होंने शनिवार को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में मस्जिद की आधारशिला रखने का कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें दो लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे।
🪑 विधानसभा में सीट बदली
पार्टी ने इस विवादित मामले के बीच, विधायक दल के मुख्य सचेतक निर्मल घोष के माध्यम से जानकारी दी है कि भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर के बैठने की सीट विधानसभा में बदली जा रही है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि वह सत्रों के दौरान सत्तारूढ़ दल के विधायकों के साथ बैठकर अपने बयानों से पार्टी को असहज न कर सकें। उन्हें अब एक और निलंबित तृणमूल विधायक पार्थ चटर्जी के बगल में बैठाया जा सकता है।
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