क्रिएटिव फील्ड में काम के घंटे तय नहीं होते’- दीपिका की आठ घंटे काम की मांग पर सौरभ शुक्ला की प्रतिक्रिया
मुंबई,
अभिनेत्री दीपिका पादुकोण द्वारा फिल्म इंडस्ट्री में आठ घंटे की शिफ्ट की मांग पर चल रही बहस के बीच अब अभिनेता और थिएटर आर्टिस्ट सौरभ शुक्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सौरभ शुक्ला का मानना है कि क्रिएटिव फील्ड में काम के घंटे तय करना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि रचनात्मक कार्य समय की सीमा में बंधा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि फिल्म, थिएटर और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में काम मूड, सिचुएशन और प्रोजेक्ट की जरूरत के हिसाब से चलता है। ऐसे में हर दिन एक तय समय-सारणी लागू करना मुश्किल हो जाता है।
सौरभ शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि कलाकारों के स्वास्थ्य और संतुलन का ध्यान रखना ज़रूरी है, लेकिन इसके लिए फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखना भी उतना ही अहम है। उन्होंने कहा कि क्रिएटिव प्रोफेशन को किसी कॉर्पोरेट जॉब की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दीपिका पादुकोण ने हाल ही में काम के बेहतर माहौल और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आठ घंटे की ड्यूटी की बात उठाई थी, जिस पर फिल्म इंडस्ट्री में पक्ष और विपक्ष दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
