STF ने फर्जी आधार कार्ड गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार कई राज्यों में फैला था नेटवर्क, फर्जी दस्तावेजों के ज़रिये साइबर व आर्थिक अपराधों को देते थे अंजाम
लखनऊ/सहारनपुर,
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तर प्रदेश को एक बड़ी कामयाबी मिली है। STF ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनका दुरुपयोग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और फर्जी पहचान पत्रों के ज़रिये साइबर अपराध, बैंक फ्रॉड और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
STF को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ संगठित अपराधी आधार कार्ड संशोधन व अपडेट के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। इस सूचना पर STF ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष टीम गठित की।
दिनांक 27 जनवरी 2026 को तड़के करीब 05:15 बजे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्थानीय सब्जी मंडी परिसर में छापेमारी कर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
निर्मल गुप्ता, निवासी – मिर्जापुर, थाना कोतवाली देहात, जनपद सहारनपुर
नवीश उर्फ़ सलमान, निवासी – ग्राम गंगोह, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर
प्रणव पुत्र रघुनाथ, निवासी – जनपद सहारनपुर
बरामदगी का विवरण
06 फर्जी आधार कार्ड
02 लैपटॉप
02 आधार कार्ड स्कैनर
17 आधार कार्ड संशोधन फॉर्म
11 आधार कार्ड विभिन्न व्यक्तियों के
09 आधार पंजीकरण रसीदें
₹5,200 नगद
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे आधार कार्ड संशोधन/अपडेट के नाम पर आम लोगों से संपर्क करते थे और उनके दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी पहचान पत्र तैयार करते थे। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग बैंक खाते खुलवाने, सिम कार्ड लेने और अन्य आर्थिक अपराधों में किया जाता था।
STF की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी सक्रिय था। इनके माध्यम से कई साइबर फ्रॉड और आर्थिक अपराधों को अंजाम दिया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित थाने में धारा 286/420/467/468/471 IPC सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
