विश्व मंच पर छाए शिवकृपानंद स्वामीजी
विश्व मंच पर गूंजा ‘वसुधैव कुटुंबकम’: शिवकृपानंद स्वामीजी ने सियोल में बढ़ाया भारत का मान 🧘♂️🌍
वर्ल्ड मेडिटेशन एक्सपर्ट कमेटी में मिली जगह
भारत की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत एक बार फिर वैश्विक पटल पर गौरवान्वित हुई है। ‘हिमालयन समर्पण ध्यानयोग’ के प्रणेता पूज्य श्री शिवकृपानंद स्वामीजी को ‘वर्ल्ड मेडिटेशन एक्सपर्ट कमेटी’ में शामिल किया गया है। यह न केवल उनके दशकों के तप का सम्मान है, बल्कि भारतीय ध्यान पद्धति की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रतीक है।
दक्षिण कोरिया (सियोल) में विशिष्ट उपस्थिति 🇰🇷
25–26 मार्च 2026 को दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित सेकंड ‘वर्ल्ड मेडिटेशन डे’ फोरम में स्वामीजी को ‘विशिष्ट वक्ता’ के रूप में आमंत्रित किया गया है।
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उद्देश्य: यह मंच दुनिया भर के ध्यान गुरुओं और वैज्ञानिकों को एकजुट कर मानसिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर मंथन करता है।
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वैश्विक प्रभाव: स्वामीजी के मार्गदर्शन में वर्तमान में 72 देशों के साधक ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति और जीवन में संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।
हिमालय की साधना से वैश्विक शांति का संदेश ✨
स्वामीजी पिछले तीन दशकों से हिमालय की कठोर साधना से प्राप्त ज्ञान को समाज तक पहुंचा रहे हैं।
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वसुधैव कुटुंबकम: स्वामीजी का मूल मंत्र ‘पूरी दुनिया एक परिवार है’ आज के विभाजित विश्व में एकता का मार्ग प्रशस्त करता है।
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आध्यात्मिक नेतृत्व: उनकी यह भूमिका भारत को विश्व के आध्यात्मिक नेतृत्व के केंद्र (विश्वगुरु) के रूप में और अधिक सशक्त बनाती है।
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समाधान का मार्ग: आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में स्वामीजी का ‘समर्पण ध्यान’ मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक अचूक औषधि साबित हो रहा है।
मुख्य जानकारी:
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आयोजन: सेकंड ‘वर्ल्ड मेडिटेशन डे’ फोरम।
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स्थान: सियोल, दक्षिण कोरिया।
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मुख्य संदेश: ध्यान के माध्यम से वैश्विक एकता और शांति।
मुंबई (अनिल बेदाग)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

