शेखपुरा: DM के छापे में खुली पोल
शेखपुरा: सदर अस्पताल पर डीएम का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; गायब डॉक्टरों और गंदगी पर भड़के जिलाधिकारी, जीविका रसोई में चखी रोटी
रिपोर्ट: सोनू कुमार पत्रकार, शेखपुरा
शेखपुरा News: मकर संक्रांति के अवकाश के बीच आज 15 जनवरी 2026 को शेखपुरा के जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, गंदगी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया।

ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर: वेतन पर लटकी तलवार
जिलाधिकारी ने जब अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर की जांच की, तो पाया कि कई चिकित्सक अपनी सीट से नदारद थे।
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सख्त निर्देश: डीएम ने सिविल सर्जन को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि रोस्टर के अनुसार शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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बायोमेट्रिक जांच: उन्होंने स्वयं बायोमेट्रिक अटेंडेंस की बारीकी से जांच की और कहा कि समय की पाबंदी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
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नेम प्लेट: मरीजों की सुविधा के लिए अब हर डॉक्टर को अपने कक्ष के बाहर नेम प्लेट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
गंदगी देख बिफरे डीएम: स्वच्छता पर अल्टिमेटम
ओपीडी, प्रसव वार्ड और सीटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान जगह-जगह फैली गंदगी को देखकर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार दिखना चाहिए, वरना जिम्मेदार कर्मियों पर गाज गिरेगी।
मरीजों का हाल जाना और ‘जीविका रसोई’ की गुणवत्ता जांची
जिलाधिकारी केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों के पास जाकर उनसे इलाज और मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके बाद वे ‘जीविका दीदी की रसोई’ पहुंचे और वहां भोजन की गुणवत्ता का स्वयं जायजा लिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा— “मरीजों के भोजन की क्वालिटी में जरा भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सिविल सर्जन को पूरी व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश
जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद ने सिविल सर्जन शेखपुरा को पूरी व्यवस्था को 24 घंटे के भीतर पटरी पर लाने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों की जगह अस्पताल में नहीं, जेल में होगी।

