शेखपुरा: SC/ST मामलों पर DM सख्त
शेखपुरा: SC/ST एक्ट के लंबित मामलों पर डीएम सख्त, अनुसंधान तेज करने और पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश ⚖️📋
न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं: जिला पदाधिकारी
शेखपुरा के जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय के ‘मंथन’ सभा कक्ष में हुई इस बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश 📉
बैठक के दौरान जिले में दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति और पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे की विस्तृत समीक्षा की गई:
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त्वरित अनुसंधान: डीएम ने एससी/एसटी थाने और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कांडों का अनुसंधान (Investigation) यथाशीघ्र पूरा किया जाए।
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राहत राशि का भुगतान: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों के तहत पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।
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न्यायालय में पैरवी: बैठक में मौजूद लोक अभियोजकों को न्यायालय में विचाराधीन मामलों में तेजी लाने और प्रभावी कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी 👮♂️
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
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अपर समाहर्ता (जांच)
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सभी लोक अभियोजक (PP)
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SC/ST थाना प्रभारी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।
डीएम शेखर आनंद ने अंत में कहा कि कानून का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करना है, इसलिए जांच और न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होनी चाहिए।
मुख्य जानकारी:
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अध्यक्षता: शेखर आनंद (डीएम, शेखपुरा)।
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स्थान: मंथन सभा कक्ष, समाहरणालय।
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प्रमुख मुद्दा: लंबित कांडों का निष्पादन और मुआवजा।
रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
