शेखपुरा: DM-SP का किशोरों से संवाद
बिहार दिवस: शेखपुरा डीएम-एसपी ने किशोरों को दी नई राह, कहा- ‘अतीत भूलकर मुख्यधारा में लौटें’ 🌟
सुरक्षित स्थान में प्रेरणादायक बौद्धिक संवाद
बिहार दिवस के पावन अवसर पर शेखपुरा के ‘सुरक्षित स्थान’ में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने यहाँ रह रहे किशोरों के साथ सीधा और आत्मीय बौद्धिक संवाद किया। इस पहल का उद्देश्य इन किशोरों के मन में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था।
ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग और कौशल विकास 📈
संवाद के दौरान अधिकारियों ने किशोरों के उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए:
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सकारात्मक ऊर्जा: पुलिस अधीक्षक ने किशोरों को अपनी ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग करने की सलाह दी और बिहार की गौरवशाली शक्ति व विरासत के महत्व को समझाया।
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नई शुरुआत: जिला पदाधिकारी ने किशोरों को अपने अतीत की कड़वाहट भूलकर जीवन की एक नई और सकारात्मक शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।
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कौशल विकास (Skill Development): उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए हुनर और कौशल सीखने पर विशेष जोर दिया।
डायरी वितरण: सकारात्मक विचारों का संकलन 📖
जिला प्रशासन द्वारा सभी किशोरों के बीच डायरी का वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने इन किशोरों को प्रेरित किया कि वे अपनी डायरी में:
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अपनी दैनिक दिनचर्या दर्ज करें।
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मन में आने वाले सकारात्मक और रचनात्मक विचारों को लिखें।
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अपने भविष्य के लक्ष्यों का रोडमैप तैयार करें।
खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान 🏆
बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को जिलाधिकारी ने मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, सहायक निदेशक श्वेता कौर और बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रदीप कुमार सहित कई वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
मुख्य जानकारी:
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उद्देश्य: किशोरों का मानसिक पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी।
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प्रेरणा: अतीत को भूलकर भविष्य संवारने का संदेश।
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उपहार: डायरी और मेडल वितरण।
रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

