PM Modi : मां कूष्मांडा: दिव्य ऊर्जा का आह्वान
नवरात्रि चतुर्थ दिवस: पीएम मोदी ने किया मां कूष्मांडा का वंदन, साझा किया सुभाषितम् 🌸
मां कूष्मांडा: दिव्य ऊर्जा का आह्वान
अदम्य साहस और आध्यात्मिक शक्ति की प्रतीक
चैत्र नवरात्रि के पावन चौथे दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जगत जननी के चतुर्थ स्वरूप, देवी कूष्मांडा की महिमा का गुणगान किया। प्रधानमंत्री ने देवी माँ को अदम्य साहस और आध्यात्मिक ऊर्जा का पुंज बताते हुए देशवासियों के लिए सुख और कल्याण की कामना की।
संस्कृत सुभाषितम् के जरिए वंदना ✨
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर देवी की आराधना करते हुए एक विशेष संस्कृत श्लोक साझा किया:
“सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे॥”
इस सुभाषितम् का अर्थ है कि अपने कमलरूपी दोनों हाथों में अमृत से भरा कलश धारण करने वाली और भक्तों का कल्याण करने वाली माँ कूष्मांडा मेरे लिए शुभदायी हों।
अदम्य साहस और आध्यात्मिक शक्ति की प्रतीक मां कूष्मांडा का चरण-वंदन! उनकी दिव्य ऊर्जा से हर हृदय में नवचेतना जागृत हो।
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे॥ pic.twitter.com/8iNjbOlsKQ
— Narendra Modi (@narendramodi) March 22, 2026
प्रधानमंत्री ने लिखा कि देवी की दिव्य ऊर्जा से हर हृदय में नवचेतना और सकारात्मकता का संचार हो।
ब्रह्मांड की रचनाकार माँ कूष्मांडा 🕉️
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी, इसीलिए इन्हें सृष्टि की आदि-शक्ति माना जाता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं और श्रद्धालुओं को अपनी जड़ों और संस्कृत भाषा की समृद्ध विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है।
मुख्य जानकारी:
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अवसर: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन (22 मार्च 2026)।
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देवी स्वरूप: माँ कूष्मांडा (अष्टभुजा धारी)।
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संदेश: साहस, ऊर्जा और आध्यात्मिक जागृति।
ब्यूरो चीफ रिजुल अग्रवाल
