PIB : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज असम के गुवाहाटी में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के 87वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए

86 वर्षों के इतिहास में अपने बलिदान से देश में कर्तव्यपरायणता और शौर्य की मिसाल बनी CRPF के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती

CRPF की वीरता से देश के आंतरिक सुरक्षा के तीन हॉटस्पॉट विकास के ग्रोथ स्पॉट बन चुके हैं

2 बटालियन से शुरू हुआ CRPF आज 248 बटालियन और 3.25 लाख जवानों के साथ विश्व का सबसे बड़ा CAPF बन चुका है

युद्धों में जीत, संसद हमले, राम जन्मभूमि पर हमले को विफल बनाना हो या अमरनाथ यात्रा, महाकुंभ की सुरक्षा हो, CRPF का मतलब है दुश्मन की पराजय की गारंटी

मोदी सरकार के देश के अलग-अलग हिस्सों में CRPF दिवस परेड के आयोजन के निर्णय के कारण नॉर्थईस्ट में पहली बार यह परेड हुई, जो गौरव की बात है

नक्सलवाद को समाप्ति के कगार पर लाने में CRPF की बड़ी भूमिका रही है, 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होकर रहेगा

ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में CRPF जवानों का शौर्य, साहस व संघर्ष नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज असम के गुवाहाटी में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के 87वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और सीआरपीएफ के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि CRPF 86 साल से अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, शौर्य, धैर्य, वीरता और बलिदान के स्वभाव के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को मज़बूत कर रही है। उन्होंने कहा कि CRPF के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना से लेकर आज तक 86 साल में CRPF ने अपनी कर्तव्यपरायणता के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा का मज़बूत स्तंभ बन कर परफॉर्म भी किया है और परिणाम भी दिए हैं।

श्री शाह ने कहा कि देश को सुरक्षित रखने में CRPF के 2270 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं औऱ पूरा देश उन्हें धन्यवाद और श्रद्धांजलि देता है। उन्होंने कहा कि कर्तव्यपरायणता औऱ बलिदानी जज़्बे के कारण ही कई अवसरों पर देश को सुरक्षित रखने का काम CRPF के जवानों ने किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 11-12 साल पहले देश में 3 बड़े हॉटस्पॉट – जम्मू और कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्र और नॉर्थईस्ट – देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बने हुए थे। उन्होंने कहा कि आज इन तीनों जगह पर शांति स्थापित करने में हमें सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि इन तीनों हॉटस्पॉट में एक ज़माने में बम धमाके, गोलियां, बंद, ब्लॉकेड्स और विनाश का दृश्य दिखता था, वही तीनों क्षेत्र आज विकास का ग्रोथ इंजन बनकर पूरे देश के विकास को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि CRPF के इन बलिदानियों के बिना इन तीनों हॉटस्पॉट को विकास के रास्ते पर ले जाना असंभव था।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज का यह समारोह एक और दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि CRPF के 86 साल के इतिहास में पहली बार बल का स्थापना दिवस समारोह नॉर्थईस्ट में असम में मनाया जा रहा है जो हम सबके और पूरे पूर्वोत्तर के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि 2019 में निर्णय लिया गया था कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की वार्षिक परेड देश के अलग अलग हिस्सों में मनाई जाएगी और आज देश के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, हमारे नॉर्थईस्ट में, CRPF की परेड मनाई जा रही है। श्री शाह ने कहा कि आज यहां 14 CRPF के जवानों को वीरता का पुलिस पदक, 5 जवानों को विशिष्ट सेवा का राष्ट्रपति पुलिस पदक और CRPF की 5 वाहिनियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि 1939 में सिर्फ 2 बटालियन के साथ CRPF का सफर शुरू हुआ था और आज 248 बटालियन और 3 लाख 25 हज़ार के संख्याबल के साथ CRPF विश्व का सबसे बड़ी CAPF बन गया है।

उन्होंने कहा कि CRPF ने पूरे देश में आंतरिक सुरक्षा और सार्वभौमत्व की रक्षा करने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि 9 अप्रैल, 1965 को कच्छ के रण में CRPF ने सरदार पोस्ट पर बहादुरी दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना का सामना किया था और इसी कारण हर वर्ष 9 अप्रैल को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब वामपंथी उग्रवादियों के हमले में कोलकाता में पुलिस के 78 जवानों की हत्या की गई थी तब भी हमारे CRPF के जवानों ने मोर्चा संभाला था, संसद पर हुए आतंकी हमले को भी CRPF ने नाकाम किया था और 2005 में श्रीरामजन्मभूमि पर हुए हमले को भी CRPF ने नाकाम किया था। उन्होंने कहा कि CRPF के जवान कभी विफल नहीं होते हैं।

श्री शाह ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद वहां एक भी गोली नहीं चलानी पड़ी, इसमें भी CRPF की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में पत्थरबाज़ी की घटनाएं शून्य हो गई हैं, उद्योग आ रहे हैं और विकास हो रहा है और इसमें CRPF, BSF  और विशेषकर जम्मू और कश्मीर पुलिस का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति बहाली में भी CRPF की भूमिका रही।

श्री अमित शाह ने कहा कि देश के 12 राज्यों और अनगिनत ज़िलों में नक्सलवाद फैला हुआ था और जब भारत सरकार ने तय किया कि इस नासूर को देश से उखाड़कर फेंक दिया जाएगा तो इसमें CRPF और कोबरा फोर्स के जवानों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा, विकट और दुष्कर काम मात्र तीन साल में ही समाप्त कर दिया गया और CRPF के जवानों के कारण ही हम यह कह सकते हैं कि 31 मार्च, 2026 को देश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

श्री शाह ने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट को विषम भौगोलिक परिस्थितियों में 45 डिग्री तापमान में 21 दिन तक कड़ी धूप में CRPF के जवनानों ने अंजाम दिया और नक्सलियों के आश्रय स्थान को समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि CRPF के जवानों ने शानदार जज़्बा दिखाते हुए 21 दिन तक 45 डिग्री तापमान में गर्म हुई पत्थर वाली पहाड़ी पर एक इंच भी पीछे हटे बिना नक्सलियों के रणनीतिक स्थान को समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि देश को लाल आतंक से मुक्त करने में हमारी CRPF और कोबरा फोर्स का बहुत बड़ा योगदान है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि CRPF के जवानों ने कई धार्मिक उत्सवों, महाकुंभ और अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि CRPF ने देश की आंतरिक सुरक्षा को हमेशा बल दिया, मज़बूत किया और सुरक्षित रखने का काम किया है।

(Bureau Chief Rijul Aggarwal)

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