Parliament Budget Session2026 : वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा की;

संसद के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। लोकसभा में हंगामे के कारण कई दिनों के बाद मंगलवार को आम बजट पर चर्चा शुरू हुई। राज्यसभा में भी बजट 2026 पर चर्चा कराई जा रही है।

‘सांसदों और विधायकों को वोटर्स द्वारा रीकॉल करने का अधिकार’

आप के सांसद राघव चड्डा ने राज्यसभा में कहा कि जैसे भारतीय मतदाताओं को किसी नेता को चुनने का अधिकार है, वैसे ही उन्हें उसे हटाने का अधिकार भी होना चाहिए।

अगर मतदाता किसी नेता को चुन सकते हैं, तो उन्हें उसे हटाने का भी अधिकार होना चाहिए। रीकॉल का अधिकार एक ऐसा तंत्र है, जो मतदाताओं को यह सुविधा देता है कि अगर उनका निर्वाचित प्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता, तो वे उसे कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाने का निर्णय ले सकें… अगर हम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और न्यायाधीशों को महाभियोग के जरिए हटाने का अधिकार रखते हैं,

और निर्वाचित सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं, तो मतदाताओं को यह अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए कि अगर उनका सांसद या विधायक काम नहीं कर रहा है, तो उसे हटाया जा सके।

लोकसभा में बोलीं वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट बहस पर लोकसभा को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने श्रम प्रधान क्षेत्रों को बजट में प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत बायोफार्मा सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टार्टअप्स के विस्तार के लिए उन्हें बड़े डोमेन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताते हुए वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया है कि मेगा टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हम सदन को गुमराह करने और निराधार बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दाखिल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही और प्रक्रिया के स्पष्ट नियम हैं। जब कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे नोटिस देना होता है और आरोप को प्रमाणित भी करना होता है। मैंने राहुल गांधी को सदन में बुलाकर उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं को प्रमाणित करने का अनुरोध किया है। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर निराधार और झूठे आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।”

बजट पर चर्चा के लिए इन सासंदों ने लिया हिस्सा

केरल के कोट्टायम से निर्वाचित कांग्रेस सांसद एडवोकेट फ्रांसिस जॉर्ज, असम की कोकराझार लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद जे बासुमतारी, केरल से निर्वाचित आईयूएमएल सांसद डॉ एमपी अब्दुस्समद ने भी चर्चा में भाग लिया।

राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, मध्य प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सांसद डॉ कविता पाटीदार, पूर्व प्रधानमंत्री और कर्नाटक से निर्वाचित वयोवृद्ध राजनेता एचडी देवेगौड़ा और भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया।

राहुल गांधी को संसदीय भाषा का ज्ञान नहीं: प्रह्लाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा, “जो नियम हैं, यह नियम हमारे या ओम बिरला के आने के बाद नहीं बने हैं। यह नियम पहले से हैं। यह नियम जब संविधान की रचना हुई तब से है। उन नियमों के आधार पर अगर वे किसी पर आरोप लगाते हैं तो उन्हें प्रमाणित करना होगा। अगर वे जिसपर आरोप लगा रहे हैं अगर वह सदन का सदस्य है तो उसे नोटिस देना पड़ता है और अगर वह सदन का सदस्य नहीं है तो वे ऐसे आरोप नहीं कर सकते। सिर्फ बोलने से प्रमाणित नहीं होता, इससे संबंधित दस्तावेज रखने होते हैं, सबूत रखने होते हैं, सिर्फ बोलने से नहीं होगा। इन्हें प्रमाणिकता, नियम का अर्थ नहीं पता इसलिए कुछ भी बोलते हैं। पहले का इतिहास इन्हें पता नहीं है ये बस आरोप लगाते हैं। जब कोई आसन पर होता है तो वह किसी पार्टी का नहीं होता है… उन्हें संसदीय भाषा का ज्ञान नहीं है। उन्होंने बजट के अलावा सब बोला…”

राहुल के बयान पर अश्विनी वैष्णव का पलटवार

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा, “भारत का डाटा बहुत ही सुदृढ़ कानूनी स्वरूप में है, डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम के तहते है। भारत के जितने संवेदनशील क्षेत्र हैं सबके अपने विनियम हैं और इस तरह के आरोप लगाने से पहले चीजों को प्रमाणित करना चाहिए।”

संसद के बाहर क्या बोले राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बाद मीडिया से बात की, जहां उन्होंने कहा कि मेरे पास डाटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं। बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता। जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो।

राहुल गांधी के बयान पर अनुराग ठाकुर का पलटवार

राहुल गांधी के भाषण के बाद अब अनुराग ठाकुर चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस राज में अर्थव्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी थी। विपक्ष देश की तरक्की से खुश नहीं है। इसी के साथ उन्होंने बजट को विकसित भारत वाला बजट करार दिया है।

बजट में आज की चुनौतियों पर बात ही नहीं: राहुल गांधी

उन्होंने आगे कहा कि हमारी दूसरी ताकत हैं हमारे किसान, जो खाना देते हैं। हमारे पास खाना प्रचुर मात्रा में है। तीसरा- हमें देश को चलाने के लिए ऊर्जा की जरूरत है।  इन तीनों को बचाना आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत है। बजट इन चीजों की पहचान तो करता है। वह कहता है कि हम खतरनाक समय में जा रहे हैं। वह जानता है कि भू-राजनीतिक स्थिति खतरनाक हो रही है। ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है। लेकिन बजट में इसके लिए कोई हल नहीं है। बजट सिर्फ किसी आम बजट की तरह ही है। इसमें इनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं दिया गया है। बजट में आज की चुनौतियों पर बात ही नहीं है।

हम डाटा के मामले में ताकतवर हैं: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं सदन को कहना चाहता हूं कि सेक्टरों की जो ताकत है , वह हमारे अपने लोग हैं। 1.4 अरब लोग शानदार हैं, ऊर्जावान हैं, बुद्धिमान हैं। वे किसी को भी चुनौती दे सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ लोग नहीं हैं। हमारे पास डाटा का भी बड़ा पूल है। सभी लोग एआई के बारे में बात करते हैं, लेकिन एआई के बारे में बात करना किसी इंजन के बारे में बात करना है, इसके पेट्रोल यानी डाटा के बारे में बात करना भी जरूरी है। यानी अगर आपके पास पेट्रोल- डाटा नहीं है, तो एआई भी बेकार है। इस वक्त दुनिया के पास डाटा के दो पूल हैं- भारत का डाटा पूल (1.4 अरब लोगों का) और चीन (वहां भी इतनी ही जनसंख्या है)। यानी हम डाटा के मामले में ताकतवर हैं।

हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आगे कहा कि दूसरा- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया गया है। हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं।

अमेरिका आधारित सिस्टम को मिल रही चुनौती: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने मार्शल आर्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि जिजित्सु में ग्रिप दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। चोक कहां हो रहा है, जोर कहां पड़ रहा है, राजनीति में नहीं दिखता। मैं आर्थिक सर्वे को देख रहा था। दो बिंदु मुझे दिखे। पहला बिंदु- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ती जा रही है। यानी जो अमेरिका आधारित सिस्टम था, उसे चुनौती मिल रही है। उसे अब रूस और चीन फिर से चुनौती दे रहे हैं।

राहुल गांधी की बजट पर चर्चा

लोकसभा में बजट पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि आज दुनिया में अमेरिकी दबदबे को चुनौती दी जा रही है। दुनिया युद्ध की ओर जा रही है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि आज एनर्जी-फाइनेंस को हथियार बनाने का युग है।

लोकसभा में राहुल गांधी का संबोधन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बजट पर चर्चा में भाग रह हैं। इस दौरान उन्होंने मार्शल आर्ट्स का जिक्र किया।

राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

लोकसभा में बजट पर चर्चा जारी है, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है।

भाजपा सांसद शशांक मणि ने कांग्रेस को घेरा

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, “ओम बिरला ने अपनी कर्तव्य को जिम्मेदारी से निभाई है, और विपक्ष ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। वे उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस लाए हैं। स्पीकर के साथ इस बर्ताव के लिए विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।”

विपक्ष पर बरसे किरेन रिजिजू

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कम से कम 20-25 कांग्रेस MP लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहीं था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे।”

कंगना रनौत का बयान

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि ओम बिरला सदन में आ नहीं रहे। पूरा माहौल अंदर बहुत कड़वा होता जा रहा है, ये इतना शोर मचा रहे हैं। कल जब संसद ठीक चली तो आज कह रहे हैं कि ये 6 लाइने क्यों? जबकि वंदे मातरम् पर चर्चा हो चुकी है, इन्होंने भी इसमें हिस्सा लिया था। एक कड़वापन हैं इनमें कि हम कैसे हार सकते हैं?’

ब्यूरो रिपोर्ट ऑल राइट्स मैगज़ीन

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