नीतीश कुमार ने मां को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नीतीश कुमार ने माता की पुण्यतिथि पर कल्याण बिगहा में दी श्रद्धांजलि, पैतृक गांव में लोगों के बीच बिताया समय
पटना/कल्याण बिगहा: नए साल के पहले दिन बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा (हरनौत) पहुंचकर अपनी माताश्री स्व० परमेश्वरी देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ स्मृति वाटिका में माल्यार्पण किया ।
पैतृक वाटिका में अर्पित किए श्रद्धा सुमन
मुख्यमंत्री ने कल्याण बिगहा स्थित ‘कविराज रामलखन सिंह स्मृति वाटिका’ जाकर अपनी माता स्व० परमेश्वरी देवी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया । इसके साथ ही उन्होंने:
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अपने पिता कविराज स्व० रामलखन सिंह जी को श्रद्धांजलि दी ।
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अपनी धर्मपत्नी स्व० मंजू सिन्हा जी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया ।
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मुख्यमंत्री के बड़े भाई श्री सतीश कुमार और पुत्र श्री निशान्त कुमार ने भी पुष्पांजलि अर्पित की ।
राज्य की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा-अर्चना
श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात मुख्यमंत्री ने गांव के प्रसिद्ध भगवती मंदिर (देवी स्थान) में पूजा-अर्चना की । उन्होंने माथा टेककर बिहार राज्य की सुख, शांति और निरंतर समृद्धि के लिए प्रार्थना की । एक आत्मीय क्षण तब दिखा जब मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव के तालाब में मछलियों को दाना भी डाला ।
स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, सुनी समस्याएं
कल्याण बिगहा और आसपास के ग्रामीण मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित थे ।
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नीतीश कुमार ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना ।
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मुख्यमंत्री ने मौके पर ही लोगों की समस्याओं को सुना और वहां उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए ।
कार्यक्रम में मौजूद रहे दिग्गज नेता और अधिकारी
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, सांसद श्री कौशलेन्द्र कुमार, कई विधायक, विधान पार्षद और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्री मनीष कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । साथ ही, मुख्यमंत्री के सचिव श्री चन्द्रशेखर सिंह, पटना और नालंदा के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे ।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से व्यक्तिगत और भावुक रहा, जहां उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़कर न केवल अपने पूर्वजों को याद किया, बल्कि आम जनता के बीच जाकर शासन और जनता के बीच के जुड़ाव को भी मजबूती दी।
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