यमुना एक्सप्रेसवे पर खिलौना उद्योग का नया केंद्र, स्वदेशी खिलौनों को मिलेगी रफ्तार
लखनऊ।
देश में स्वदेशी खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में खिलौना उद्योग का बड़ा बाजार और मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किया जाएगा, जिससे भारतीय खिलौनों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहचान मिलेगी और चीनी खिलौनों पर निर्भरता कम होगी।
इस प्रस्तावित हब में खिलौनों के निर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अवसर मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए इसे लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिहाज़ से रणनीतिक स्थान माना जा रहा है। यहां निर्मित खिलौनों को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशी बाज़ारों तक पहुंचाना आसान होगा।
सरकारी योजनाओं और उद्योग नीति के तहत इस क्षेत्र को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ा जाएगा। गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और इनोवेटिव डिज़ाइन पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा, ताकि भारतीय खिलौने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित यह खिलौना बाजार घरेलू उद्योग को मजबूती देने के साथ-साथ चीनी खिलौनों के वर्चस्व को चुनौती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट,
लखनऊ
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
