नारायण स्कूल ऑफ लॉ ने पहलेजा में आयोजित किया व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को मिला अधिकारों का ज्ञान

रोहतास, सासाराम के गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रोहतास के संयुक्त तत्वावधान में आज सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत ग्राम पहलेजा, जिला रोहतास में एक व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का औपचारिक एवं प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, विधिक प्रावधानों तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक करना था, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर न्याय तक सुगम पहुँच सुनिश्चित कर सकें।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन फैकल्टी ऑफ लॉ के डीन डॉ. विनोद कुमार सरोज एवं सहायक प्रोफेसर मृत्युंजय तिवारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. सरोज ने कहा कि विधिक जागरूकता किसी भी लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी नैतिक एवं पेशेवर जिम्मेदारियों को समझने और ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक साक्षरता बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय तक सामान्य पहुँच तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक वर्ग कानून की मूलभूत जानकारी रखता हो।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. उमेश चंद्र द्विवेदी एवं डॉ. कलीम अख्तर, सहायक प्राध्यापक, नारायण स्कूल ऑफ लॉ के नेतृत्व में छात्रों की टीम ने गांव में जन-जागरूकता अभियान संचालित किया। इस अवसर पर महिला अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, साइबर अपराध से सुरक्षा, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की गई।

विद्यार्थियों ने जन-जागरूकता रैली, संवाद सत्र तथा प्रश्नोत्तर कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को विधिक जानकारी दी। विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए अपने कानूनी प्रश्न प्रस्तुत किए, जिनका समाधान विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों द्वारा सरल एवं स्पष्ट भाषा में किया गया। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

कार्यक्रम के संयोजकों ने कहा कि नारायण स्कूल ऑफ लॉ का उद्देश्य केवल विधि शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज में न्याय एवं विधि के प्रति जागरूकता का प्रसार करना भी है। उन्होंने भविष्य में भी विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक विधिक प्रशिक्षण का अवसर सिद्ध हुआ, बल्कि ग्रामीण समुदाय के लिए भी अत्यंत लाभकारी एवं ज्ञानवर्धक रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।

रिपोर्ट, आशुतोष कुमार,
रोहतास,

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

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