Mumbai : डॉल्फिन टंकी: सपनों की नई उड़ान
डॉल्फिन टंकी: मुंबई के युवा उद्यमियों के सपनों को मिली नई उड़ान 🐬🚀
सपनों की पिच और सफलता की डील
मुंबई की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी के बीच जहाँ अक्सर संसाधनों की कमी सपनों के आड़े आती है, वहीं सलाम बॉम्बे फाउंडेशन की “डॉल्फिन टंकी” एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।
यह मंच उन युवा उद्यमियों के लिए तैयार किया गया है जो सीमित साधनों के बावजूद अपने हुनर और हौसले के दम पर कुछ बड़ा करने का जज़्बा रखते हैं।
पाँचवाँ संस्करण: हुनर से व्यवसाय तक का सफर 📈
एनएमआईएमएस (NMIMS) स्कूल ऑफ बिज़नेस मैनेजमेंट के सहयोग से आयोजित इस पहल का पाँचवाँ संस्करण हाल ही में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन किसी भी साधारण विचार को एक सफल बिज़नेस मॉडल में बदल सकता है।
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प्रमुख क्षेत्र: ब्यूटी, फोटोग्राफी, मोबाइल रिपेयरिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी।
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प्रतिभागी: स्लम और सीमित आय वाले परिवारों के प्रतिभाशाली युवा।
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अनुभव: युवाओं ने असली निवेशकों के सामने अपने बिज़नेस आइडिया पेश किए और पेशेवर माहौल में खुद को परखा।
फंडिंग से आगे: मेंटरशिप और आत्मविश्वास 🤝
“डॉल्फिन टंकी” की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल आर्थिक मदद (Funding) तक सीमित नहीं है। यह युवाओं को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करता है:
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मेंटरशिप: अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा व्यवसाय की बारीकियों का प्रशिक्षण।
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मार्केट कनेक्शन: बाज़ार से जुड़ने और नेटवर्क बनाने के अवसर।
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आत्मविश्वास: सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने और नेतृत्व करने की क्षमता।
नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बने युवा ✨
इस मंच की सफलता का असली पैमाना यह है कि यहाँ से निकले कई युवा आज खुद का व्यवसाय चला रहे हैं। वे अब नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को रोज़गार देने वाले बन चुके हैं। यह बदलाव की वह कहानी है जो समाज में आर्थिक सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रही है।
मुख्य जानकारी:
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आयोजक: सलाम बॉम्बे फाउंडेशन एवं NMIMS।
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उद्देश्य: वंचित वर्ग के युवाओं को उद्यमी बनाना।
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विशेष: व्यावसायिक प्रशिक्षण और निवेश के अवसर।
(मुंबई से अनिल बेदाग की रिपोर्ट)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
