मुरादाबाद: मुठभेड़ में इनामी शूटर घायल

मुरादाबाद: एसटीएफ और पुलिस की मुठभेड़ में उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशु घायल

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान में एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ और मुरादाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार (01 अप्रैल 2026) को एक संयुक्त कार्यवाही के दौरान उधम सिंह गैंग का खूंखार शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी पुलिस मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गया। उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।


📌 न्यूज़ हाइलाइट्स:

  • बड़ी मुठभेड़: थाना सिविल लाइंस इलाके में पुलिस और बदमाश के बीच हुई फायरिंग।

  • इनामी बदमाश: उधम सिंह गैंग का मुख्य शूटर आशु उर्फ मोंटी पुलिस की गोली से घायल।

  • लंबा आपराधिक इतिहास: हत्या, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों के कुल 36 मुकदमे दर्ज।

  • रंगदारी का मामला: एक व्यवसायी से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास में था वांछित।


कैसे हुई मुठभेड़?

एसटीएफ मेरठ और मुरादाबाद पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी आशु उर्फ मोंटी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। घेराबंदी करने पर बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्यवाही में आशु गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।

भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अपराधी के पास से हथियारों का जखीरा बरामद किया है:

  1. एक स्विफ्ट कार (अपराध में प्रयुक्त)

  2. .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल (आर्डिनेंस)

  3. .32 बोर का फैक्ट्री मेड रिवॉल्वर (आर्डिनेंस)

  4. 12 बोर की फैक्ट्री मेड बंदूक (आर्डिनेंस)

  5. भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खोखा


अपराध की दुनिया का सफर: 2010 से अब तक

हापुड़ के हाफिजपुर निवासी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी साल 2010 में पहली बार हत्या के मामले में जेल गया था। जेल में ही उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग से हुई। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया और गैंग के लिए हत्या और लूट की वारदातों को अंजाम देने लगा।

📊 आपराधिक इतिहास की एक झलक (प्रमुख मुकदमे):

आशु पर मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद और मुरादाबाद के विभिन्न थानों में दर्जनों केस दर्ज हैं:

  • हत्या (302 IPC): हाफिजपुर, सरधना और सरूरपुर थानों में दर्ज।

  • गैंगस्टर एक्ट: दौराला और सिंभावली थानों में दर्ज।

  • रंगदारी व हत्या का प्रयास: हाल ही में मुरादाबाद सिविल लाइन में व्यवसायी से ₹5 करोड़ मांगने का मामला।

  • शस्त्र अधिनियम: कई थानों में अवैध हथियार रखने के मामले।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


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