मिडिल ईस्ट जंग: 32वें दिन का अपडेट
मिडिल ईस्ट युद्ध का 32वां दिन: लेबनान में 4 इजरायली सैनिकों की मौत; यरुशलम-तेहरान में भारी गोलाबारी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली (31 मार्च 2026): मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष आज अपने 32वें दिन में प्रवेश कर गया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान (ऑपरेशन रोरिंग लायन) के बाद से पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में झुलस रहा है। मंगलवार को युद्ध ने एक नया और आक्रामक मोड़ लिया है।
प्रमुख घटनाक्रम: लेबनान और ईरान में तनाव
1. लेबनान में 4 इजरायली सैनिकों की मौत
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में जमीनी कार्रवाई के दौरान 4 इजरायली सैनिक मारे गए हैं। इनमें से तीन की पहचान कैप्टन नोआम मैडमौनी, स्टाफ सार्जेंट बेन कोहेन और स्टाफ सार्जेंट मैक्सिम एंटिस के रूप में हुई है। इस घटना में दो अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 28 फरवरी से अब तक लेबनान में 10 इजरायली सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
2. यरुशलम और तेहरान पर मिसाइल हमले
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ईरान का पलटवार: मंगलवार तड़के ईरान ने इजरायल की राजधानी यरुशलम पर मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे शहर में सायरन गूंजने लगे।
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इजरायल की जवाबी कार्रवाई: इजरायल ने तेहरान के केंद्र में ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ को निशाना बनाते हुए हवाई हमलों की एक नई लहर पूरी की। इन हमलों के कारण तेहरान के बड़े हिस्से में बिजली गुल हो गई है और इंटरनेट ब्लैकआउट 32वें दिन भी जारी है।
3. होर्मुज स्ट्रेट और दुबई के पास हमला
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टैंकर पर हमला: दुबई के तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया गया, जिससे उसमें आग लग गई। हालांकि, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
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रणनीतिक नुकसान: ईरान के कश्म द्वीप (Qeshm Island) पर स्थित एक प्रमुख जल शोधन संयंत्र (Desalination Plant) इजरायली हमले में पूरी तरह नष्ट हो गया है, जिससे क्षेत्र में पानी का संकट गहरा सकता है।
ट्रंप का ‘एग्जिट प्लान’ और नेतन्याहू का दावा
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ट्रंप के संकेत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे अगले 4 से 6 हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए बिना भी युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि अमेरिका अब ऊर्जा के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं है।
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नेतन्याहू का बयान: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मिशन की सफलता “आधे रास्ते से आगे” निकल चुकी है। उनका ध्यान अब ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने या नष्ट करने पर है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
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शांति सैनिकों की मौत: दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों के दौरान तीन संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक (UN Peacekeepers) भी मारे गए हैं, जिनमें दो इंडोनेशियाई सैनिक शामिल हैं।
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आर्थिक संकट: कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं और यूरोपीय देशों को ऊर्जा संकट के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है।
क्षेत्र में जारी यह युद्ध न केवल मानवीय संकट पैदा कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को भी गंभीर चुनौती दे रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

