मानेसर हिंसा: पुलिस बल तैनात, काम ठप
मानेसर में वेतन की आग: भारी बवाल के बाद सन्नाटा
(गुरुग्राम: जागरण संवाददाता)
औद्योगिक नगरी आईएमटी मानेसर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का आंदोलन गुरुवार को हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़प के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर बिखरे जूते-चप्पल और जली हुई मोटरसाइकिलें सुबह हुए उपद्रव की गवाही दे रही हैं।
क्यों भड़का विवाद?
विवाद की जड़ अप्रैल की शुरुआत में हुई वेतन समीक्षा से जुड़ी है। हाल ही में होंडा कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि किए जाने के बाद, अन्य औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकों ने भी समान वेतन वृद्धि की मांग उठानी शुरू कर दी। यह मांग देखते ही देखते एक बड़े विरोध प्रदर्शन का रूप ले गई।
लाठीचार्ज और पथराव: 70 लोग घायल
गुरुवार सुबह जब बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतरे, तो स्थिति बेकाबू हो गई।
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हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की बाइक में आग लगा दी। कई कंपनियों की संपत्तियों को भी नुकसान पहुँचाया गया।
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कार्रवाई: भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
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घायल: इस संघर्ष में लगभग 50 श्रमिक और 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कंपनियों के बाहर पुलिस का पहरा
उपद्रव के बाद मानेसर की सड़कों पर सन्नाटा है। जहाँ पहले मशीनों का शोर और श्रमिकों की चहल-पहल होती थी, वहाँ अब भारी पुलिस बल तैनात है।
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सुरक्षा: कंपनियों के मुख्य गेटों पर निजी गार्ड्स के बजाय पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है।
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माहौल: आईएमटी मानेसर की सड़कों पर जगह-जगह टूटी हुई चप्पलें और पत्थर बिखरे हुए हैं, जो पुलिसिया कार्रवाई और मची भगदड़ के निशान हैं।
हाइलाइट्स:
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कारण: होंडा की तर्ज पर अन्य कंपनियों में वेतन बढ़ाने की मांग।
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जानी नुकसान: लाठीचार्ज और पथराव में कुल 70 लोग जख्मी।
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माल की हानि: पुलिस बाइक फूँकी गई, कंपनियों में तोड़फोड़।
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वर्तमान स्थिति: औद्योगिक क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील।
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गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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