22 की उम्र में IAS बनीं कृष्णा जोशी
IAS Success Story: जोधपुर की कृष्णा जोशी को मिला बिहार कैडर, 22 की उम्र में पहले ही प्रयास में बनीं IAS
पटना/जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली कृष्णा जोशी ने वह मुकाम हासिल किया है जो लाखों युवाओं का सपना होता है। महज 22 वर्ष की उम्र में अपने पहले ही प्रयास (First Attempt) में यूपीएससी सीएसई-2023 परीक्षा में 73वीं रैंक हासिल कर वह आईएएस अधिकारी बनीं। हाल ही में उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया है, जहाँ उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवाओं की शुरुआत कर दी है।
बिहार के नालंदा में मिली पहली नियुक्ति
रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 में कृष्णा जोशी ने बिहार कैडर में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नालंदा जिले में सहायक कलेक्टर (Assistant Collector) के पद पर कार्यभार संभाला। अपनी कार्यकुशलता और सेवा के प्रति समर्पण के कारण वे कम समय में ही चर्चा में आ गई हैं।
पिता थे प्रेरणा स्रोत
कृष्णा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा हाथ है।
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पिता का सपना: कृष्णा के पिता पेशे से वकील हैं। उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को समाज सेवा और सिविल सेवा के लिए प्रोत्साहित किया।
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शिक्षा: कृष्णा ने अपनी स्नातक (Graduation) की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) से अंग्रेजी विषय में पूरी की है।
पहले ही प्रयास में 73वीं रैंक
बिना किसी विफलता के पहले ही प्रयास में टॉप 100 में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत और स्पष्ट विजन को दर्शाता है। कृष्णा का मानना है कि सही रणनीति और निरंतरता ही यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता की कुंजी है।
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