नाबालिग अपराध: दिल्ली में कानून का डर खत्म?

🔪 बेकाबू दिल्ली: क्या नाबालिगों के हाथों की ‘चाकू संस्कृति’ के आगे झुका सुरक्षा प्रशासन? लक्ष्मी नगर हत्याकांड ने खोली पोल

पूर्वी दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में अपराध और हिंसा का ग्राफ खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि अब इन जघन्य अपराधों को अंजाम देने वालों में नाबालिगों (Minors) की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में, पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में हुई दोहरी हत्या ने दिल्ली के सुरक्षा प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी ढिलाई के कारण आए दिन राजधानी की सड़कें खून से लाल हो रही हैं।

🚨 13 दिसंबर की रात: बहन को लेकर हत्या, नाबालिग शामिल

पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में शनिवार रात (13 दिसंबर) एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, बहन को लेकर हुए झगड़े में भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर विशाल नाम के एक युवक की कथित तौर पर चाकू से गोदकर हत्या कर दी।

इस वीभत्स घटना में जिस तरह से नाबालिगों को चाकू जैसे खतरनाक हथियार का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जा रहा है, वह बताता है कि अपराधियों में कानून का खौफ खत्म हो चुका है।

प्रशासन पर तीन बड़े सवाल: कौन दे रहा है हथियार?

यह घटना दिल्ली के सुरक्षा तंत्र की तीन गंभीर खामियों को उजागर करती है, जिस पर दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार को तुरंत जवाब देना चाहिए:

  1. नाबालिगों को हथियार: 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पास चाकू और धारदार हथियार कहाँ से आ रहे हैं? क्या लोकल प्रशासन उन दुकानदारों पर कोई कार्रवाई कर रहा है जो बिना किसी रोक-टोक के इन खतरनाक हथियारों को बेच रहे हैं?

  2. कानून की ढिलाई: जघन्य अपराधों में पकड़े जाने के बावजूद, किशोर न्याय (Juvenile Justice) कानून की कथित ढिलाई के कारण नाबालिगों में अपराध करने का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। क्या सरकार को इस कानून में सख्ती लाने पर विचार नहीं करना चाहिए?

  3. पुलिस का धीमा एक्शन: आए दिन हो रहे इन अपराधों पर पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया अक्सर धीमी और उदासीन रहती है। क्या पुलिस केवल FIR दर्ज करने तक ही सीमित है, या अपराध की जड़ों तक जाने और रोकथाम के लिए कोई सख्त अभियान चला रही है?

“दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल ‘सर्जरी’ की जरूरत है। अगर प्रशासन ने जल्द ही चाकू और अन्य धारदार हथियारों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध नहीं लगाया और नाबालिग अपराधियों पर नकेल नहीं कसी, तो राजधानी ‘अपराध नगर’ में बदल जाएगी।”

📢 सख्त कार्रवाई की मांग: ‘चाकू’ पर लगे बैन

नागरिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों की ओर से अब यह सख्त मांग उठ रही है कि:

  • धारदार हथियारों पर प्रतिबंध: सरकार को तत्काल प्रभाव से चाकू (Knives) और अन्य धारदार हथियारों की खुले बाजार में बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाना चाहिए, विशेषकर उन दुकानों पर जहाँ इनकी बिक्री आसानी से होती है।

  • सख्त पेट्रोलिंग: अपराध-संभावित क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस द्वारा सख्त और सतत पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

  • जवाबदेही तय: लक्ष्मी नगर जैसी घटनाओं में हुई लापरवाही के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

दिल्ली की कानून-व्यवस्था का पतन न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह दिखाता है कि सरकार और प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।

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