शेखपुरा व्यवहार न्यायालय में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन, डिजिटल न्याय व्यवस्था को मिली नई गति
शेखपुरा (बिहार),
शेखपुरा व्यवहार न्यायालय में ई सेवा केंद्र का शुभारंभ समारोह पूर्वक किया गया।पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू, न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद तथा शेखपुरा जिला के निरीक्षी न्यायाधीश सौरेन्द्र पांडेय ने मंगलवार को शेखपुरा व्यवहार न्यायालय परिसर में नवनिर्मित ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में उत्साह का वातावरण रहा।
उद्घाटन समारोह में शेखपुरा जिला न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी, पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सर्वेंद्र प्रताप सिंह, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मधु अग्रवाल, राकेश कुमार रजक, रविंद्र कुमार, कुमार अविनाश सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।वहीं शेखपुरा बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष विनोद सिंह, सचिव विपिन सिंह, संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद थे। इसके अतिरिक्त बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन सचिव सह जिला इकाई मीडिया प्रभारी अजीत कुमार, जिला अध्यक्ष कुमार पुरुषोत्तम, सचिव कुमार मंजेश, नाजिर अशोक कुमार चौधरी सहित अन्य न्यायालय कर्मचारी भी समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव ने कहा कि माननीय मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शेखपुरा व्यवहार न्यायालय में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आम नागरिकों को न्यायालय से संबंधित जानकारी सरल, त्वरित एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध हो सकेगी। अब पक्षकारों को अपने वाद–मुकदमों की स्थिति जानने के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा तथा सुनवाई की तिथि की जानकारी एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा बिहार के प्रत्येक जिले में न्यायालयों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने एवं पेपरलेस न्यायालय की दिशा में किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। शेखपुरा में भी न्यायालय को डिजिटल एवं पेपरलेस बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है।
संयुक्त सचिव ने आगे कहा कि भविष्य में इस प्रकार की तकनीकी पहल से न्यायिक प्रणाली और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जन-सुलभ बनेगी, जिससे आम लोगों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा न्यायालय के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
रिपोर्ट,सोनू कुमार
बिहार,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

