इग्नू दीक्षांत समारोह: 32 लाख डिग्री

इग्नू का 39वां दीक्षांत समारोह: 32 लाख छात्रों को मिली डिग्री, उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ का आह्वान किया

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के 39वें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज नई दिल्ली में हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि देश भर के 32 लाख से अधिक छात्रों ने अपनी डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्राप्त किए।


📌 मुख्य आकर्षण और महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • समावेशी शिक्षा: इग्नू में वर्तमान में 14 लाख से अधिक छात्र हैं, जिनमें 56% महिलाएं और 58% छात्र ग्रामीण व वंचित समुदायों से आते हैं।

  • डिजिटल पहल: उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (NAD) के तहत डिजिलॉकर पर प्रमाण पत्र जारी किए।

  • पूर्व छात्र पोर्टल: 50 लाख से अधिक पंजीकरणों के साथ ‘इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया।

  • स्वयं प्रभा स्टूडियो: देश भर के क्षेत्रीय केंद्रों में ‘स्वयं प्रभा स्टूडियो’ की शुरुआत की गई।


शिक्षा का स्तंभ: दूरस्थ शिक्षा और NEP 2020

उपराष्ट्रपति ने इग्नू को भारतीय शिक्षा प्रणाली का ‘स्तंभ’ बताया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इग्नू ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और ‘मल्टीपल एग्जिट’ विकल्प शुरू कर शिक्षा को अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित बना दिया है। भारतीय ज्ञान प्रणाली के आधुनिक शिक्षा के साथ एकीकरण को उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक बताया।

AI और तकनीक: डरने की नहीं, अपनाने की जरूरत

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने ऐतिहासिक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “जब कंप्यूटर आए थे, तब भी नौकरियां जाने का डर था, लेकिन कंप्यूटर ने अधिक रोजगार पैदा किए। इसी तरह, हमें AI जैसी आधुनिक तकनीकों को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ अपनाना चाहिए।” उन्होंने जोर दिया कि वैज्ञानिक प्रगति हमेशा नैतिक मूल्यों से निर्देशित होनी चाहिए।

विकसित भारत @2047 का लक्ष्य

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने छात्रों को ‘आजीवन शिक्षार्थी’ (Lifelong Learner) बने रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी पूरा होगा जब व्यक्तिगत प्रयास सामूहिक शक्ति में बदलेंगे।


गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू, कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल मौजूद रहे। आभासी माध्यम (Virtual Mode) से त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, गोवा के राज्यपाल श्री पी.ए. गजपति राजू और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने भी अपने-अपने क्षेत्रीय केंद्रों से शिरकत की।


रिपोर्टर: सोनू कुमार

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


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