भूजल दोहन: गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई
गाजियाबाद में जल संकट के बीच बड़ा एक्शन: 53 हाउसिंग सोसायटियों को नोटिस, अवैध भूजल दोहन पर भारी जुर्माने की तैयारी (देखें लिस्ट)
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में जमीन के नीचे गिरते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अब सख्त एक्शन के मूड में है। जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के कड़े रुख के बाद नगर निगम ने शहर की 53 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी कर दिया है। ये सोसायटियां उन ‘अति दोहन’ (Over-exploited) वाले इलाकों में स्थित हैं, जहां भूजल स्तर पहले से ही खतरे के निशान पर है।
इन सोसायटियों पर अब यूपी ग्राउंड वाटर एक्ट 2019 के तहत भारी पेनल्टी लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
एनओसी के बिना चल रही थी बोरिंग: आरटीआई में खुलासा
यह मामला पर्यावरणविद प्रसून पंत और प्रदीप की शिकायत के बाद उजागर हुआ। जांच में सामने आया कि 61 में से 53 सोसायटियों के पास भूजल निकालने की कोई वैध अनुमति (NOC) नहीं थी। चौंकाने वाली बात यह है कि 42 सोसायटियों में नगर निगम खुद पानी की सप्लाई दे रहा है, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से जमीन के अंदर से पानी खींचा जा रहा था।
राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटियां सबसे ज्यादा निशाने पर
प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची में सबसे अधिक सोसायटियां राजनगर एक्सटेंशन इलाके की हैं। प्रमुख नामों में शामिल हैं:
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गुलमोहर गार्डन, गौर कास्केड, विंडसर पैराडाइज
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वीवीआईपी मंगलम, वीवीआईपी नेस्ट
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चार्म्स कैसल, एसजी इंप्रेशन, फॉर्च्यून रेजीडेंसी
वसुंधरा और मेरठ रोड बेल्ट की ये सोसायटियां भी दोषी
वसुंधरा और मेरठ रोड (NH-58) की कई हाई-प्रोफाइल सोसायटियों को भी नोटिस थमाया गया है:
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वसुंधरा: एसजी होम्स, एसजी आसिस आलिव काउंटी, गार्डिनिया गीतांजलि, एपेक्स फ्लोर्स, एसकेजी द मेर्लिन और मेट्रो सूट्स।
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मेरठ रोड/NH-58: विला आनंदम, श्रीराम हाइट्स (नूरनगर), श्रीराम हाइट्स (NH-58) और एसजी इंप्रेशन प्लस।
नोटिस का जवाब न देने पर बढ़ेगी मुश्किल
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, 39 सोसायटियों ने अभी तक नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है, जबकि 5 सोसायटियों ने नोटिस लेने से ही इनकार कर दिया। अब इन सभी के खिलाफ विभागीय स्तर पर जुर्माने की फाइल आगे बढ़ा दी गई है।
लिस्ट में शामिल अन्य प्रमुख सोसायटियां:
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राकेश मार्ग: गुलमोहर एन्क्लेव
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श्याम पार्क: राज एंपायर
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शालीमार सिटी: एमआर प्रोव्यू ग्रुप (ऑफिस सिटी और शालीमार सिटी)
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NH-24: रिवर हाइट्स, मोती रेजीडेंसी, कृष्णाकुंज बुल्डकोम और अग्रवाल हाइट्स।
क्या होगी कार्रवाई?
प्रशासन अब उन बिल्डिंगों में पानी के वैकल्पिक स्रोतों की जांच कर रहा है जो जीडीए (GDA) क्षेत्र में आती हैं। जिन सोसायटियों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उन पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके अवैध बोरिंग को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
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