सरकारी एंबुलेंस भी जाम में फंसी, मरीज परेशान
जिला अस्पताल रोड पर अतिक्रमण से एंबुलेंस जाम, गंभीर मरीजों की जान जोखिम में
बरेली। जिला अस्पताल रोड पर अतिक्रमण के कारण 500 मीटर की दूरी पूरी करने में एंबुलेंस को 15 मिनट से अधिक समय लग रहा है। मुख्य सड़क पर फुटपाथ, ठेले और पक्की दुकानों के कब्जे के कारण गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों की जान खतरे में पड़ रही है।
कोतवाली से जिला अस्पताल तक का महज तीन मिनट का रास्ता रोजाना जाम में फंस जाता है। रोजाना 30 से 40 छोटी-बड़ी एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तक ले जाती हैं, लेकिन जाम की वजह से समय बर्बाद होता है। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार प्रशासन को पत्राचार किया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सर्दियों में स्थिति और गंभीर हो गई है। इलाके में कपड़ों की दुकानों और फुटपाथ वाले ठेले बढ़ गए हैं। अस्पताल गेट के पास खोमचे और अन्य अवरोध भी मरीजों के आवागमन में बाधा डालते हैं।
दिव्यांग मरीजों के लिए भी परेशानी बनी हुई है। सीएमओ कार्यालय के पास दूसरे गेट के बंद रहने के कारण व्हीलचेयर उपयोगकर्ता और चल-फिरने में असमर्थ लोग जाम से होकर गुजरते हैं। हालांकि अब सोमवार को कैंप के दौरान दूसरा गेट खोलने की व्यवस्था की गई है।
जिलेभर में 84 सरकारी एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तक समय पर पहुंचाने के लिए दौड़ रही हैं। 108 एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और अन्य गंभीर मामलों के लिए उपलब्ध है।
108 एंबुलेंस मीडिया प्रभारी सुनील यादव ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में 102 या 108 नंबर डायल किया जा सकता है।
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