स्पैनिश एल्बम से ग्रैमी तक: बैड बनी की जीत पर उर्वशी रौतेला ने जताया गर्व
संगीत की सीमाएं टूटीं, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व का जश्न बना यह पल
मुंबई (अनिल बेदाग),
जब संगीत भाषा, संस्कृति और सीमाओं की दीवारें तोड़कर सीधे दिलों तक पहुंचता है, तब वह सिर्फ़ अवॉर्ड नहीं जीतता—वह इतिहास रचता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला 2026 के ग्रैमी अवॉर्ड्स में, जब इंटरनेशनल म्यूज़िक आइकन बैड बनी ने अपने स्पैनिश-भाषा एल्बम Debí Tirar Más Fotos के लिए एल्बम ऑफ द ईयर का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।
यह जीत न केवल बैड बनी के करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व और भाषाई विविधता की एक नई मिसाल भी है। स्पैनिश भाषा में बने एल्बम का ग्रैमी जैसे प्रतिष्ठित मंच पर शीर्ष सम्मान हासिल करना, ग्लोबल म्यूज़िक इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
उर्वशी रौतेला ने जताया वैश्विक सम्मान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत की ग्लोबल स्टाइल और कल्चरल आइकन उर्वशी रौतेला ने भी दिल से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंस्टाग्राम के ज़रिये बैड बनी की इस जीत को सलाम करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने दुनियाभर में कला और संगीत प्रेमियों का ध्यान खींचा।
उर्वशी का यह संदेश केवल एक औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उस वैश्विक एकजुटता का प्रतीक बना, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के कलाकार एक-दूसरे की उपलब्धियों को खुले दिल से सेलिब्रेट करते हैं।
कला की कोई सीमा नहीं होती
उर्वशी रौतेला का यह समर्थन इस बात को रेखांकित करता है कि सच्ची कला किसी एक भाषा, देश या इंडस्ट्री की मोहताज नहीं होती। जब जुनून, प्रतिभा और ईमानदारी मिलती है, तब दुनिया एक सुर में तालियां बजाती है—चाहे वह हॉलीवुड हो, लैटिन म्यूज़िक हो या भारतीय सिनेमा।
एक ऐतिहासिक पल, एक वैश्विक संदेश
बैड बनी की ग्रैमी जीत और उस पर उर्वशी रौतेला की प्रतिक्रिया, दोनों मिलकर यह साबित करती हैं कि आज का एंटरटेनमेंट वर्ल्ड सीमाओं से परे सोच रहा है। यह पल सिर्फ़ एक कलाकार की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच का उत्सव है जहां संगीत और कला पूरी दुनिया को जोड़ने का काम करती है।
अनिल बेदाग,
मुंबई,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

