ED कार्रवाई: WinZO Games के निदेशक गिरफ्तार
💰 बड़ी कार्रवाई: ED ने WinZO Games के दो निदेशकों को किया गिरफ्तार, ₹505 करोड़ की POC फ्रीज; ऑनलाइन गेमिंग में धोखाधड़ी का आरोप
बेंगलुरु/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन रियल मनी गेम्स होस्ट करने वाली प्रमुख इकाई M/s WinZO Games Pvt. Ltd. पर बड़ी कार्रवाई की है। ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कंपनी के निदेशकों, पावन नंदा और सौम्या सिंह राठौर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 26 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया है।
इन दोनों पर मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल होने का आरोप है।
🚨 कोर्ट ने दी 10 दिन की हिरासत
गिरफ्तारी के बाद, मामले को 27 नवंबर 2025 को माननीय प्रिंसिपल सिटी सिविल एवं सेशन जज, बेंगलुरु (CCH-1) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने दोनों निदेशकों की ED हिरासत 10 दिनों के लिए (06 दिसंबर 2025 तक) बढ़ा दी है, ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।
🔎 धोखाधड़ी और विदेशी निवेश की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग
ED की जांच में WinZO Games पर कई गंभीर आपराधिक गतिविधियां और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं:
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एल्गोरिथम से धोखाधड़ी: जांच से पता चला है कि ग्राहकों को यह बताए बिना कि वे असली मनुष्यों के बजाय एल्गोरिथम/सॉफ्टवेयर के साथ खेल रहे हैं, उनसे रियल मनी गेम्स खेले गए।
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निकासी पर प्रतिबंध: WinZO ग्राहकों के वॉलेट में जमा धनराशि की निकासी को रोकने/सीमित करने का काम भी कर रही थी।
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₹505 करोड़ फ्रीज: कंपनी द्वारा बनाए गए प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC), जो असली ग्राहकों द्वारा दांव हारने से प्राप्त हुए, के रूप में ₹505 करोड़ की राशि को बैंक बैलेंस, बॉन्ड, एफडीआर और म्यूचुअल फंड के रूप में PMLA के तहत फ्रीज कर दिया गया है।
🌐 विदेशों में अवैध रियल मनी गेम्स का संचालन
ED की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद, WinZO कंपनी भारत से ही (उसी प्लेटफॉर्म पर) ब्राजील, यूएसए और जर्मनी जैसे विदेशी देशों में भी रियल मनी गेम्स (RMGs) का संचालन कर रही है।
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सिंगल ऐप, ग्लोबल ऑपरेशन: यह पाया गया है कि सभी प्रकार के गेम्स (RMGs सहित) का ग्लोबल संचालन भारत से एक ही एप्लीकेशन (ऐप) और प्लेटफॉर्म के तहत किया जा रहा है।
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फंड डायवर्जन: कंपनी द्वारा USD 55 मिलियन (लगभग ₹489.90 करोड़) की धनराशि को विदेशी निवेश के नाम पर शैल कंपनी ‘WINZO US Inc.’ के बैंक खाते में USA और सिंगापुर में पार्क किया गया है। ED का कहना है कि यूएस स्थित यह कंपनी केवल एक शैल कंपनी है क्योंकि इसका दैनिक व्यवसाय, संचालन और बैंक खातों का संचालन भारत से होता है।
आगे की जांच जारी है और इस मामले में और गिरफ्तारियां और खुलासे होने की उम्मीद है।
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