DTC ई-बसों पर विज्ञापन से बढ़ाएगा आय
🚌 DTC का ‘ई-विज्ञापन’ दांव: 852+ इलेक्ट्रिक बसों पर लगेंगे विज्ञापन, नॉन-फेयर रेवेन्यू बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपनी आय बढ़ाने और दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व-उत्पादन पहल की है। DTC अब अपनी इलेक्ट्रिक बसों पर विज्ञापन के जरिए अपना नॉन-फेयर रेवेन्यू (Non-Fare Revenue) बढ़ाने जा रहा है, जिसका मुख्य फोकस बड़े बस बॉडी रैप्स (Bus Body Wraps) पर रहेगा।
इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, DTC ने इलेक्ट्रिक बस फ्लीट पर विज्ञापन के अधिकार देने के लिए एक टेंडर जारी कर दिया है।
🚍 852 से अधिक बसों को मिलेगा विज्ञापन का लाभ
DTC द्वारा जारी टेंडर दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली भर के प्रमुख डिपो और टर्मिनलों से चलने वाली 852 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की बाहरी बॉडी पर विज्ञापन की अनुमति होगी। यह रणनीति व्यस्त मुख्य सड़कों और ज्यादा यात्रियों की आवाजाही का फायदा उठाने के लिए बनाई गई है।
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बस संचालन केंद्र: ये बसें 16 टर्मिनलों और नौ डिपो से चलती हैं, जिनमें रोहिणी, नंद नगरी, राजघाट, मायापुरी, नेहरू प्लेस, और आईपी एस्टेट जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
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न्यूनतम कीमत: विज्ञापन के लिए न्यूनतम रिजर्व कीमत प्रति बस प्रति माह ₹5,300 तय की गई है। चयन सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के आधार पर होगा।
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अवधि: सफल बिडर को शुरुआती पांच साल की अवधि के लिए विज्ञापन चलाने का एक्सक्लूसिव अधिकार मिलेगा, जिसे आपसी सहमति से और पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
🖼️ विज्ञापन स्थान और नियम
DTC की यह योजना केवल बस बॉडी रैप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बस टर्मिनलों की बाहरी दीवारों और बसों की डिजिटल स्क्रीन पर विज्ञापन के जरिए भी राजस्व कमाने की योजना शामिल है।
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स्थान: विज्ञापन केवल कंडक्टर साइड (बस के बाहरी भाग में बाईं ओर) पर ही लगाए जा सकेंगे। ड्राइवर साइड, सामने का हिस्सा, दरवाजे, खिड़कियां और इंजन एरिया को विज्ञापन से मुक्त रखा जाएगा।
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उपलब्ध स्पेस:
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टाटा ई-बस: बाईं ओर लगभग 87 वर्ग फीट और पीछे 24.5 वर्ग फीट।
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जेबीएम मॉडल: बाईं ओर 80 वर्ग फीट और पीछे 8.2 वर्ग फीट।
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क्षति की जिम्मेदारी: रैप्स लगाने या हटाने का काम ड्यूटी के घंटों के बाद किया जाएगा ताकि बस संचालन में कोई रुकावट न आए। बसों को होने वाले किसी भी नुकसान की मरम्मत की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी।
यह प्रोजेक्ट DTC की उपलब्ध संपत्तियों से पैसे कमाने और अपने नॉन-फेयर राजस्व को मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिससे सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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