बिहार: डिजिटल खेती के नए युग का आगाज
बिहार में डिजिटल क्रांति: अब डेटा आधारित खेती से बढ़ेगी पैदावार
बिहार के कृषि क्षेत्र को आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनाने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मीठापुर स्थित कृषि भवन में डिजिटल कृषि निदेशालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस नई पहल का उद्देश्य डेटा और तकनीक के माध्यम से खेती में पारदर्शिता और सटीकता लाना है।

डिजिटल कृषि निदेशालय: क्या होगा फायदा?
कृषि मंत्री ने बताया कि यह निदेशालय राज्य में ‘डेटा आधारित खेती’ के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
-
रियल टाइम लाभ: किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सीधे प्राप्त होगा।
-
फसल पूर्वानुमान: डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए अब मौसम के अनुसार फसल के उत्पादन और उत्पादकता का सटीक अनुमान लगाना आसान हो जाएगा।
-
एकीकृत डेटाबेस: किसानों के लिए एक एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।

तकनीकी समावेश और आधुनिक उपकरण
डिजिटल निदेशालय के तहत खेती में अत्याधुनिक तकनीकों को जोड़ा जाएगा:
-
ड्रोन तकनीक: फसलों की सुरक्षा और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
-
डिजिटल सॉइल हेल्थ कार्ड: किसानों को उनकी मिट्टी की सेहत की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलेगी।
-
फार्मर रजिस्ट्री: राज्य के सभी किसानों का डिजिटल पंजीकरण होगा ताकि उन तक सीधी मदद पहुँच सके।

मॉडल कस्टम हायरिंग और मिट्टी जांच लैब
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दो और महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत की गई:
-
कस्टम हायरिंग सेंटर: राज्य के 12 राजकीय बीज प्रक्षेत्रों (जैसे भभुआ, धनरुआ, सिपाया आदि) में मॉडल कस्टम हायरिंग सेंटर खोले गए हैं। यहाँ 25 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे बीज उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी।
-
मिट्टी जांच प्रयोगशाला: 25 जिलों के 32 अनुमंडलों में नई मिट्टी जांच लैब शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकना और मिट्टी की उर्वरकता बनाए रखना है।
पारदर्शिता और उत्पादकता पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। मिट्टी की जांच के आधार पर खाद का प्रयोग करने से न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि उत्पादन में भी भारी वृद्धि होगी।
(रिपोर्ट: विक्रम कुमार, पटना)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

