राघव चड्ढा से छिना डिप्टी लीडर का पदराघव चड
AAP Action: आम आदमी पार्टी का राघव चड्ढा पर बड़ा एक्शन! राज्यसभा डिप्टी लीडर पद से हटाया; सदन से कहा- “न दें बोलने का समय”
राजनीति डेस्क, नई दिल्ली | 2 अप्रैल, 2026
Introduction: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पार्टी ने राज्यसभा में अपने फायरब्रांड नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटा दिया है। पार्टी ने न केवल उन्हें पद से मुक्त करने का फैसला लिया, बल्कि राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर एक ऐसी मांग की है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
सचिवालय को लिखा पत्र: छीना बोलने का अधिकार?
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए।
पार्टी की दो टूक मांग:
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पद से छुट्टी: राघव चड्ढा अब राज्यसभा में AAP के डिप्टी लीडर नहीं रहेंगे।
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बोलने पर रोक: पार्टी ने सचिवालय से साफ कहा है कि अब राघव चड्ढा को ‘आप’ (AAP) कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।
क्या हैं इस बड़े फैसले के मायने?
राघव चड्ढा, जो अब तक सदन में पार्टी की बुलंद आवाज माने जाते थे, उनके खिलाफ इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और चड्ढा के बीच दूरियां अब जगजाहिर हो गई हैं। डिप्टी लीडर के पद से हटाना और सदन में बोलने का समय न देने की मांग करना यह दर्शाता है कि पार्टी अब उन्हें मुख्य भूमिका से पूरी तरह बाहर रखना चाहती है।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
इस फैसले के बाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी की राहें अब पूरी तरह जुदा होने वाली हैं? फिलहाल पार्टी की ओर से इस कड़े फैसले के पीछे की ठोस वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
Political Buzz: “सदन में ‘आप’ कोटे से समय न देने का मतलब है कि अब राघव चड्ढा पार्टी की लाइन पर अपनी बात नहीं रख पाएंगे।”
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

