दिल्ली विधानसभा: 5 जनवरी से सत्र

Delhi Assembly Session: 5 जनवरी से शुरू होगा दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र; प्रश्नकाल और नियम-280 के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी

नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत के साथ ही दिल्ली की राजनीति में भी गर्माहट आने वाली है। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Winter Session) 5 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस चार दिवसीय सत्र में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों और प्रशासनिक कामकाज पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।

LG के अभिभाषण से होगा सत्र का आगाज़

सत्र का औपचारिक शुभारंभ 5 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के साथ होगा। उद्घाटन के बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू होगी। खास बात यह है कि पहले दिन की कार्यवाही सुबह से शुरू होगी, जबकि बाकी दिनों में बैठकें दोपहर 2 बजे से आयोजित की जाएंगी।

तीन दिन का ‘प्रश्नकाल’: मंत्रियों से मांगे जाएंगे जवाब

सत्र की सबसे प्रमुख विशेषता इस बार का प्रश्नकाल (Question Hour) होगा, जो लगातार तीन दिनों तक चलेगा। विधानसभा सदस्य स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, परिवहन, वित्त और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों से संबंधित सवाल पूछेंगे।

  • लक्ष्य: सदस्यों का प्रयास रहेगा कि वे सरकार से समयबद्ध और स्पष्ट जवाब प्राप्त कर सकें ताकि शासन में पारदर्शिता बनी रहे।

नियम-280: प्रशासनिक कमियों पर होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

सत्र के दौरान नियम-280 के तहत होने वाले विशेष उल्लेखों पर सबकी नजर रहेगी। इन विशेष उल्लेखों के माध्यम से विधायक अपने क्षेत्रों की प्रशासनिक खामियों और जनहित के ज्वलंत मुद्दों को उठाएंगे। यह सत्र आगामी वर्ष की विधायी प्राथमिकताओं और सरकार की भविष्य की दिशा को भी स्पष्ट करेगा।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील: विधानसभा अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में रचनात्मक सहभागिता निभाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि:

“सार्थक बहस और विधायी समीक्षा ही लोकतांत्रिक शासन की नींव है। सदस्यों को अनुशासन और पूरी तैयारी के साथ जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए ताकि सरकार से सटीक जानकारी प्राप्त हो सके।”

इन मुद्दों पर रह सकता है फोकस:

  1. प्रदूषण और स्वास्थ्य सेवा: दिल्ली की आबोहवा और अस्पतालों में सुविधाओं की स्थिति।

  2. शहरी बुनियादी ढांचा: जल आपूर्ति और सड़कों के रख-रखाव से जुड़े सवाल।

  3. शिक्षा और परिवहन: सार्वजनिक परिवहन में विस्तार और स्कूलों की व्यवस्था।


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