SIR डेडलाइन विस्तार पर गुरुवार को होगा फैसला
🗳️ चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: UP, बंगाल समेत 12 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट की डेडलाइन बढ़ सकती है
नई दिल्ली: चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) उत्तर प्रदेश (UP), पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SIR) की समय सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह फैसला लाखों मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए अतिरिक्त समय दे सकता है।
आयोग ने संकेत दिया है कि गणना फॉर्म जमा करने की अवधि को एक सप्ताह तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर अंतिम निर्णय गुरुवार को लिए जाने की संभावना है।
📜 शुद्धतम मतदाता सूची पर जोर
चुनाव आयोग का मुख्य लक्ष्य SIR के ज़रिए मतदाता सूची को ‘शुद्धतम’ बनाना है। इसके लिए, आयोग ने SIR के दूसरे चरण में शामिल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEOs) को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
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राजनीतिक दलों से साझा करें सूची: मसौदा सूची जारी होने से पहले, प्रत्येक बूथ पर पाए गए मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित, और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों से जुड़े बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के साथ साझा की जाए।
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वेबसाइट पर अपलोड: बिहार की तर्ज पर, ऐसे मतदाताओं की सूची को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।
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BLA से संपर्क: CEOs और DEOs को राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों से बात करनी चाहिए, ताकि वे अपने BLAs को यह निर्देश दें कि यदि किसी का नाम गलती से ‘मृत’ या ‘स्थानांतरित’ सूची में शामिल हो गया है, तो उसे तुरंत ठीक कराया जा सके।
⏳ UP की मांग पर विचार
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आयोग ने उत्तर प्रदेश की ओर से SIR के दौरान गणना फॉर्म जमा करने की अवधि बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। फिलहाल, केरल को छोड़कर अधिकतर राज्यों में फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है। आयोग अगले साल चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों में थोड़ा समय बढ़ा सकता है।
🏘️ पश्चिम बंगाल के लिए विशेष निर्देश
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) को हाई-राइज़ भवनों और सोसाइटियों में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष निर्देश दिए हैं:
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नए मतदान केंद्र: मतदाताओं की सहूलियत को देखते हुए नए मतदान केंद्र बनाए जाएं।
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मतदाता सीमा: यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता न हों।
आयोग ने पश्चिम बंगाल के CEO से ऐसे नए/संशोधित मतदान केंद्रों की सूची 31 दिसंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
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