दक्षिणी लद्दाख में भारतीय सीमा की रेजांगला, रेजिंगला आदि चौकी के सामने से अभी नहीं हटे चीनी टैंक!
चीन के बुहान में ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ की उच्च स्तरीय टीम को 14 दिन को कोरोनटीन किया — निर्भय सक्सेना — 0 लेह लद्दाख, अरुणांचल में भारत की चीन से लगी सीमाओं पर आजकल पारा शून्य से भी नीचे जा चुका है। अभी भी चीन अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने से नहीं चूक रहा है । साथ ही अब एल ए सी पर दक्षिणी लद्दाख में 70 हजार फुट ऊँचाई पर भारतीय सीमा की रेजांगला, रेजिंगला, मुखोपरी की चोकीओ के सामने चीन ने अभी भी अपने टैंक नहीं हटाये हैं। हालात यह है कि अब चीन के बुहान में गई ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ की उच्च स्तरीय टीम को भी 14 दिन को कोरोनटीन किया है। ताकि वह कोविड 19 वायरस के सबूत नहीं पा सके । भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिको को संबोधित कर कहा कि किसी ने भारत के आत्म सम्मान को अगर किसी महाशक्ति ने ठेस पहुंचाई तो उसे सेना मुहँ तोड़ जवाब देगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सी डीएस) जनरल विपिन रावत एवम एयर मार्शल राकेश कुमार भदौरिया ने भी लेह लद्दाख का 2 दिन का जमीनी दौरा कर शून्य से नीचे तापमान पर सैनिको से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। श्री भदौरिया ने एडवांस लेंडिंग ग्राउंड का भी दौरा किया। दौलत बेग ओल्डी में शहीद सैनिको को श्रदांजलि भी दी । सेना प्रमुख एम एम नरवन्दे ने सेना दिवस से पूर्व पत्रकारों को बताया कि चीन एवम पाक के बीच सैन्य असैन्य इलाको में बढ़ता सहयोग चिंतनीय है। चीन ने पूर्वी लद्दाख में टकराव बाले इलाको से भी वार्ता के बाद भी अपने सैनिक पीछे नही हटाएं है। उधर केन्द्र सरकार ने लद्दाख में बंदी चीनी सैनिक को भी वापस कर दिया। भारत ने समुन्द्री सीमाओं पर निगरानी के लिए द्विवार्षिक अखिल भारतीय तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी विजिल -21’ का दूसरा संस्करण गत दिवस पूरा किया। और तटीय समीक्षा भी की। सरकार ने ‘तेजस’ विमान खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। नए वर्ष में भारत भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बन गया है और उसका कार्यकाल भी प्रारम्भ हो गया है। पूरे विश्व को कोरोना की महामारी देने वाले चीन पर सभी देशों ने अपना गुस्सा भी जताया और अमरीका ने तो विश्व स्वास्थ्य संगठन को अपनी आर्थिक मदद तक रोक दी चीन के बुहान में गई ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ की उच्च स्तरीय टीम को 14 दिन को अब चीन में कोरोनटीन किया गया है। गलवां में भारत से मुंह की खाने के बाद वह नेपाल में भी अपनी नापाक चाल चल रहा था। जहाँ भी भारत ने उसे नाकाम कर दिया। साल 2021 में जनरल विपिन रावत ने अपने पद का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। साथ ही उन्होंने अरुणांचल, असम एवम पूर्वी शेत्र के वायु सैनिक ठिकानों का दूसरी बार फिर 11 जनवरी को हवाई दौरा किया। चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एल ए सी) के भारतीय ठिकाने पर सैनिको का मनोबल बढ़ाया। 2 दिन के दौरे पर विपिन रावत ने एयर मार्शल भदौरिया के साथ सैनिको से बात कर नए आधुनिक उपकरणों की तैयारियों का भी जायजा लिया। शून्य से नीचे तापमान वाली इस भयंकर सर्दी में जवानों के साहस की प्रशंसा भी की। अमरीका के रक्षा मामलों के विश्लेषक एच आई साटन ने अमेरिका की पत्रिका फोर्ब्स में लिखी रिपोर्ट में कहा कि चीन ने हिन्द महासागर में सी विंग (हैवी) ग्लाइडरस नामक अंडरवाटर ड्रोन का एक बेड़ा तैनात भी किया था जो महीनो तक समुद्र में जल के अंदर नोसेना की निगरानी करने में सक्षम भी है। जिसमे अब चीन और बेड़े बढ़ा रहा है। अब इसी को ध्यान में रखकर भारत ने भी हिन्द महासागर में नोसेना के पोत से जुड़े 10 शिपबांर्न ड्रोन खरीदने को भी 1300 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यहि नही पूर्वी लद्दाख में चीन से गतिरोध के चलते पेगांग झील एवम अन्य जल स्रोतों में भी निगरानी को 12 उच्च छमता की गश्ती नोकाओं (पेट्रोलिंग वोट) भी गोवा शिपयार्ड से अब लाई जाएंगी।

भारत को ही नही चीन अपने अन्य पड़ोसी देशों को भी परेशान कर रहा है। आसपास भी खतरा मंडरा रहा है जो दुनियां के लिए भी चिंता की बात है। स्मरण रहे पूर्व में अमरीका चीन आर्थिक व सुरक्षा समीक्षा आयोग (यू ए सी सी ) ने अपनी 2020 की रिपोर्ट में कहा था कि ऐसा संकेत भी हैं कि जिनपिंग सरकार ने ही गलवां के खूनी संघर्ष की पटकथा लिखी और चीन के विदेश मंत्री ने हिंसा भड़काने के बयान भी दिए। उपग्रह के फ़ोटो भी वहां चीनी सैन्य ठिकाने एवम टैंक होने की पुष्टि करते रहे है। चीन चालबाजी से भारत और जापान की सीमाओ पर अपना झूठा बर्चस्व कायम की चाल में लगा था। अमरीका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जान रेट क्लिफ ने भी कहा था कि चीन देश एवम दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हाल यह है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एल ए सी) पर चीन के 50 हजार सैनिक 13 हजार फुट की उंचाई पर तैनात तो हैं। पर शून्य से नीचे वाली ठंड से बेदम हैं। भारतीय सैनिको के लिए सरकार ने ठंड से वचाब के लिए हर सहायता उपलब्ध करा दी है। 5 मई 2020 के विवाद के बाद भारत चीन के बीच कमांडर स्तर की कई वार्ता भी हुईं । चीन ने वार्ता में बनी सहमति के बाद भी अपने सैनिकों को आज तक पीछे नही हटाया है। साथ ही अब एल ए सी पर दक्षिणी लद्दाख में 70 हजार फुट ऊँचाई पर भारतीय सीमा की रेजांगला, रेजिंगला, मुखोपरी की चोकीओ के सामने चीन ने अपने टैंक भी तैनात किए हैं। जहाँ भारत ऊंचाई पर जवाब देने को मजबूत है। भारत सरकार चीन की हर चाल पर नजर रख कर हर मोरचे पर सेना को मजबूत कर रही है। भारत मे ब्रह्मोस मिसायल के कई परीक्षण भी सफल रहे है। चीन को अब समझ आ गया है कि अब यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला मजबूत भारत है। भारत ने साल 2021 में कोविड की वेक्सीन लगाने का भी अब सफलता से ‘ड्राई रन’ भी पूरा कर लिया है और 16 जनवरी से अब व्यापक वेक्सिनेशन भी शुरू होगा। भारत मे सीरम इंस्टीट्यूट की ‘कोविडशील्ड’ और भारत बायोटेक की ‘कोवेक्सिन’ नामक देसी टीके को भी केंद्रीय ओषधि मानक नियंत्रण संगठन की विशेषग समिति की संस्तुति के बाद अब शनिवार 16 जनवरी 2021 से देश मे प्रथम बड़ा टीकाकरण अभियान प्रारम्भ होगा। चीन के बुहान में विश्व स्वास्थ्य संगठन की उच्च स्तरीय टीम को भी चीन ने 14 दिन को कोरोनटीन यह कह कर दिया कि चीन दूसरे देशों की रिपोर्ट को नही मानता है। निर्भय सक्सेना, पत्रकार बरेली मोबाइल 9411005249 7060205249
बरेली से निर्भय सक्सेना की रिपोर्ट !
