चौमू हिंसा: पुलिस पर पथराव, 10 अरेस्ट
जयपुर के चौमू में आधी रात भारी बवाल: धार्मिक स्थल के पास पत्थर हटाने पर भिड़े दो पक्ष, पुलिस पर पथराव, 6 जवान घायल
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के निकटवर्ती कस्बे चौमू में अतिक्रमण हटाने और धार्मिक स्थल के पास पड़े पत्थरों को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर ही पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में 6 पुलिसकर्मियों के सिर फट गए और कई अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
जानकारी के अनुसार, चौमू बस स्टैंड के पास स्थित एक मस्जिद के बाहर सड़क किनारे करीब 45 वर्षों से पत्थर पड़े हुए थे। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने इन पत्थरों को हटाने का निर्णय लिया था।
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आपसी सहमति और विरोध: पश्चिम डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना के मुताबिक, प्रशासन ने पहले दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बात की थी और सहमति के बाद ही अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ।
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विवाद की शुरुआत: एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन जब वहां सुरक्षा के लिए रेलिंग (लोहे के कोण) लगाने का काम शुरू हुआ, तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और इसे फिर से स्थायी ढांचा बनाने की कोशिश की।
रात 3 बजे भड़की हिंसा, दागे गए आंसू गैस के गोले
यह घटना 25 और 26 दिसंबर की दरमियानी रात करीब 3 बजे की है। जब पुलिस और प्रशासन की टीम विवादित ढांचे को हटा रही थी, तभी भीड़ ने अचानक हमला कर दिया।
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पुलिस पर हमला: बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भारी पत्थरबाजी की, जिसमें आधा दर्जन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
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आंसू गैस का प्रयोग: बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए जयपुर पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भारी बल के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 10 पत्थरबाज गिरफ्तार
पुलिस ने इस हिंसा के मामले में अब तक 10 मुख्य पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
इंटरनेट बंद और भारी पुलिस बल तैनात
तनाव को देखते हुए चौमू में 26 दिसंबर सुबह 7:00 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7:00 बजे तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। वर्तमान में कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन शांति समिति की बैठकों के जरिए स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।
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