बरबीघा में चैती छठ की धूम: देखें तस्वीरें

लोक आस्था का संगम: उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चार दिवसीय चैती छठ ☀️🙏

छठ घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

बिहार के शेखपुरा जिला अंतर्गत बरबीघा सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आज बुधवार की सुबह ‘चैती छठ’ महापर्व का समापन हुआ। मालती पोखर तेतारपुर और गांधी सरोवर जैसे प्रमुख छठ घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य (ऊषा अर्घ्य) को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही चार दिनों तक चलने वाला यह कठिन अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।

36 घंटे का निर्जला व्रत और सुख-समृद्धि की कामना 🌸

व्रतियों ने पानी में कमर तक खड़े होकर भगवान सूर्य और छठी मैया को दूध व जल से अर्घ्य अर्पित किया।

  • पारण: अर्घ्य के पश्चात व्रतियों ने 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण किया और प्रसाद ग्रहण किया।

  • मान्यता: श्रद्धालुओं का मानना है कि उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है।

अनुशासन और प्रकृति प्रेम का प्रतीक

छठ घाटों पर प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं के अनुसार:

  1. अद्भुत माहौल: पूरा वातावरण ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ जैसे पारंपरिक गीतों से भक्तिमय बना रहा।

  2. एकता का संदेश: यह पर्व सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।

  3. पारंपरिक आस्था: चैती छठ के दौरान जो सामाजिक समरसता और भक्ति का माहौल दिखा, वह अद्वितीय रहा।


मुख्य जानकारी:

  • स्थान: बरबीघा (शेखपुरा) एवं बिहार के विभिन्न जिले।

  • प्रमुख घाट: मालती पोखर, तेतारपुर, गांधी सरोवर।

  • विशेष: महापर्व 2026 का सफलतापूर्वक समापन।


रिपोर्ट: सोनू कुमार पत्रकार(बिहार)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )


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