Budget 2026 में बड़ा संकेत! क्या खत्म होने वाली है पुरानी टैक्स व्यवस्था? 72% पहले ही बदल चुके हैं सिस्टम
नई दिल्ली,
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वित्त वर्ष 2026-27 पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का अंतिम साल साबित होगा। सरकार की नीतियों और आंकड़ों पर नज़र डालें तो संकेत साफ हैं कि न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) अब सरकार की प्राथमिक पसंद बन चुकी है।
आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 72% टैक्सपेयर्स पहले ही न्यू टैक्स रिजीम को चुन चुके हैं। इससे यह साफ होता है कि बिना किसी आधिकारिक घोषणा के ही पुरानी व्यवस्था धीरे-धीरे हाशिये पर जाती दिख रही है।
हालांकि, सरकार ने अब तक ऐसा कोई स्पष्ट ऐलान नहीं किया है कि Old Tax Regime को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। वित्त मंत्रालय का फोकस फिलहाल न्यू टैक्स रिजीम को और सरल, पारदर्शी और आकर्षक बनाने पर है, ताकि करदाता स्वेच्छा से उसी को अपनाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन टैक्सपेयर्स के पास होम लोन, 80C, 80D जैसी डिडक्शंस हैं, उनके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी फायदेमंद बनी हुई है। वहीं, कम निवेश और सैलरी आधारित आय वालों के लिए न्यू टैक्स रिजीम ज्यादा आसान और लाभकारी साबित हो रही है।
बजट 2026 में यह संभव है कि सरकार न्यू टैक्स रिजीम को और मजबूती दे, जिससे भविष्य में पुरानी टैक्स व्यवस्था स्वतः अप्रासंगिक हो जाए। लेकिन 2026-27 को अंतिम वर्ष घोषित करने का कोई आधिकारिक संकेत फिलहाल नहीं मिला है।
निष्कर्ष
पुरानी टैक्स व्यवस्था फिलहाल खत्म नहीं हो रही, लेकिन उसका दायरा जरूर सिमटता जा रहा है। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए यह सही समय है कि वे अपनी आय, निवेश और डिडक्शंस का आकलन कर अपने लिए सबसे बेहतर टैक्स रिजीम का चुनाव करें।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
