Blood moon : चंद्र ग्रहण के दौरान देश-दुनिया में दिखा ब्लड मून,

इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण खत्म हो गया. अब ऐसा दुर्लभ नजारा कब देखने को मिलेगा इसकी गणना हमारे वैज्ञानिक और ज्योतिषी पहले ही बता चुके हैं. 2025 का चंद्रग्रहण देश और दुनिया के कई हिस्सों में दिखा. रविवार रात 09 बजकर 58 मिनट पर शुरू हुआ चंद्र ग्रहण तरीख बदलने के बाद 01 बजकर 26 मिनट तक चला. चंद्र ग्रहण के दौरान ब्लड मून की एक से बढ़कर एक शानदार तस्वीरें दुनियाभर से आईं. भारत समेत दुनिया के 85 फीसदी हिस्से में दिखी इस अद्भुत खगोलीय घटना के गवाह आज लाखों लोग बने.

पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी ब्लड मून वाला चरण रात 11:00 (pm) बजे से रात 12:22 (am) बजे तक रहा. ये वो समय था, जब चंद्र ग्रहण अपने पीक पर था. चंद्र ग्रहण का पीक टाइम 11.42 pm बताया गया था. यह चंद्र ग्रहण 3 घंटे 28 मिनट का था. लेकिन ग्रहण स्पर्श यानी छाया स्पर्श से लेकर पूर्ण मोक्ष तक चंद्र ग्रहण करीब साढ़े 5 घंटे की अवधि का रहा. जिसका छाया स्पर्श का समय रात 08.59 (pm) बजे और पूर्ण मोक्ष का समय रात 02.24 (am) रहा.

कोलकाता स्थित भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र के निदेशक संदीप चक्रवर्ती ने बताया कि पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान आज सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही रेखा पर रहे. यह एक दुर्लभ घटना है जो पिछली बार 31 जनवरी, 2018 को हुई थी और अगली बार यह 31 दिसंबर, 2028 को होगी.

ब्लड मून एक शब्द है जिसका प्रयोग पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा के लाल रंग को दर्शाने के लिए किया जाता है. ब्लड मून दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई दिया. ऐसा तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा की सतह पर अपनी छाया डालती है. पूरी तरह से अंधेरा होने के बजाय, चंद्रमा लाल या तांबे के रंग का हो जाता है क्योंकि सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर छनकर चंद्रमा की ओर झुकता है. ब्लड मून दुर्लभ होते हैं, जो इसे आकाशदर्शकों के लिए एक रोमांचक घटना बनाते हैं.

ब्लड मून दिखने से पहले के नजारों में पूर्ण चंद्रग्रहण की शानदार झलकियां देखने को मिलीं. इस दौरान रात के आकाश को रोशन करता एक अद्भुत लाल रंग का पूर्ण चंद्रमा दिखाई दिया. एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देने वाली इस दुर्लभ खगोलीय घटना ने दुनिया भर के खगोल प्रेमियों और फोटोग्राफरों को आकर्षित किया.

चंद्रग्रहण के अंतिम चरण की ओर बढ़ते हुए मंत्रमुग्ध कर देने वाला ‘लाल चंद्रमा’ या ‘रक्त चंद्रमा’. केरल में दिखी शानदार तस्वीर.

एक अद्भुत पूर्णिमा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है. शंघाई के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट लुजियाजुई की गगनचुंबी इमारतों के ऊपर से चांद का एक अद्भुत खगोलीय दृश्य उत्पन्न हुआ. जिसे फोटोग्राफरों ने अपने कैमरे में यूं कैद किया.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान शारजाह के स्टेडियम के ऊपर एक चमकता हुआ ब्लड मून दिखाई दिया.
इजरायल के नियंत्रण वाले पश्चिमी तट पर रामल्लाह के ऊपर लाल रंग की आभा के साथ चमकता हुआ एक पूर्णिमा का शानदाक दृश्य. चांद के ग्रहण के दौरान ब्लड मून दुनिया के कई देशों में देखने को मिला. ऐसा तब होता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है और पृथ्वी के वायुमंडल से गुज़रने वाला सूर्य का प्रकाश लाल रंग का हो जाता है. वहीं कतर की राजधानी दोहा के ऊपर एक आकर्षक ‘ब्लड मून’ ने आकाश को रोशन कर दिया और एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बड़े हिस्सों में दिखाई देने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण के एक हिस्से के रूप में एक नाटकीय दृश्य देखा गया.
ब्यूरो रिपोर्ट आल राइट्स मैगज़ीन

 

 

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