बिहार: खनन से रिकॉर्ड 3592 करोड़ राजस्व
बिहार: खान एवं भूतत्व विभाग ने रचा इतिहास
पटना (बिहार): उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने रिकॉर्ड 3592.60 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 56.39 करोड़ रुपये अधिक है। श्री सिन्हा ने भरोसा जताया कि लंबित फंड्स प्राप्त होने के बाद विभाग 3850 करोड़ के कुल लक्ष्य को भी पार कर लेगा।
डिफॉल्टर कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई
विजय सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की कि जिन 78 कंपनियों ने घाटे का हवाला देकर बालू खनन की लीज़ सरेंडर की है, उन्हें अब राज्य के किसी भी नए टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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कड़ी निगरानी का असर: मंत्री ने बताया कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर सख्ती के कारण इन कंपनियों ने हाथ पीछे खींचे हैं।
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राजस्व को चोट: इन घाटों के सरेंडर होने से सरकार को लगभग 600 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
पत्थर खनन से बढ़ेगा रोजगार
राजस्व और रोजगार बढ़ाने के लिए विभाग ने 30 नए ब्लॉक में स्टोन माइनिंग लीज़ (पत्थर खनन) की पहचान की है। इससे पत्थरों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्य उपलब्धियां और पुरस्कार
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21 जिलों का शानदार प्रदर्शन: राज्य के 21 जिलों ने अपने तय लक्ष्य से अधिक वसूली की है।
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बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार: अवैध खनन के खिलाफ सक्रिय 96 लोगों के खातों में कुल 4.90 लाख रुपये की पुरस्कार राशि ट्रांसफर की गई है।
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नए टेंडर: विभाग ने 12 बालू घाटों के ऑक्शन के लिए नए टेंडर जारी कर दिए हैं।
संवाददाता सम्मेलन में विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा और अपर सचिव भारत भूषण प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: सुनील कुमार,पटना(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

